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हाथी पांव से निजात पाने के लिए लें दवा
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सोनभद्र। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत फाइलेरिया (हाथी पांव) को समूल नष्ट करने के लिए रविवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राबर्ट्सगंज में मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन-2020 का शुभारंभ हुआ। शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल ने फाइलेरिया की दवा खाकर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार फाइलेरिया से प्रदेश को मुक्त करने का यह अभियान चला रही है। हम सब इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें। आशाओं से अपील किया कि वह घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाएं। स्वयं दवा खाकर यह संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह से सुरक्षित है।
अभियान के बारे में विस्तार से बताते हुए जिला मलेरिया अधिकारी डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि 29 फरवरी तक यह अभियान जिले में चलाया जाएगा। इसके लिए 1579 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति को आयु के अनुसार फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे। दवा खिलाने के बाद लाभार्थी के बाएं हाथ की तर्जनी ऊंगली पर मार्कर से निशान लगाकर घर की दीवार पर मार्किंग करना है। बताया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला तथा अत्यधिक बीमार, वृद्ध को दवा नहीं खिलानी है। यह रोग सामान्यत: हाथी पांव के नाम से जाना जाता है, जो कि मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि यह रोग असाध्य है। आयु वर्ग के अनुसार दवा खिलाए जाने से इस रोग से मुक्ति मिल सकती है। इस मौके पर डॉ. संजय सिंह, डॉ. प्रेमनाथ, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. स्नेहा मंजुल, पीके सिंह, शुभम, राकेश, राहुल, मनोज, सभाजीत, अरुण, चंचल, रेखा, जगलाल यादव, किशोरी सिंह आदि उपस्थित रहीं।
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अभियान के बारे में विस्तार से बताते हुए जिला मलेरिया अधिकारी डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि 29 फरवरी तक यह अभियान जिले में चलाया जाएगा। इसके लिए 1579 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति को आयु के अनुसार फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे। दवा खिलाने के बाद लाभार्थी के बाएं हाथ की तर्जनी ऊंगली पर मार्कर से निशान लगाकर घर की दीवार पर मार्किंग करना है। बताया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला तथा अत्यधिक बीमार, वृद्ध को दवा नहीं खिलानी है। यह रोग सामान्यत: हाथी पांव के नाम से जाना जाता है, जो कि मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि यह रोग असाध्य है। आयु वर्ग के अनुसार दवा खिलाए जाने से इस रोग से मुक्ति मिल सकती है। इस मौके पर डॉ. संजय सिंह, डॉ. प्रेमनाथ, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. स्नेहा मंजुल, पीके सिंह, शुभम, राकेश, राहुल, मनोज, सभाजीत, अरुण, चंचल, रेखा, जगलाल यादव, किशोरी सिंह आदि उपस्थित रहीं।
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