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Sonebhadra News: पति-पत्नी के बीच वो के शक से बढ़ रहीं दूरियां और खुदकुशी के प्रयास के मामले

Sat, 14 Mar 2026 11:01 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 11:01 PM IST
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Suspicion of the other leads to growing distance between husband and wife and cases of suicide attempts.
मनो चिकित्सा रोग विभाग में आने वाले मरीजों की काउंसलिंग कर जरूरी सलाह देते असिस्टेंट प्रोफेसर ड
लोगों के साथ ही पति-पत्नी के बीच भी मोबाइल से जुड़े रिश्तों को छुपाने की कोशिश संबंधों पर भारी पड़ रही है। एक दूसरे पर शक जताए जाने के कारण कभी महिलाएं तो कभी पुरुष खुदकुशी कर रहे हैं या उसका प्रयास कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के मनो चिकित्सा रोग विभाग मेंं महिलाओं की खुदकुशी के प्रयास का आने वाला हर दूसरा मामला इसी तरह की स्थितियों से जुड़ा पाया जा रहा है। ज्यादातर मामलों में पति-पत्नी के बीच एक दूसरे से जानकारी छुपाना तो कुछ मामलों में अपने अतीत को खोलकर सामने रख देने का मामला भी पति-पत्नी के बीच के रिश्तों में दरार का कारण बनता जा रहा है।
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केस एक-दंपति में एक-दूसरे के प्रति अविश्वास

राबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय विवाहिता ने पखवाड़े भर पहले सिर्फ इस बात पर जहरीले पदार्थ खा लिया कि उसका पति उस पर किसी दूसरे से संबंध का शक जता रहा था। उसे भी इस बात का शक था कि उसके पति का किसी और से रिश्ता जुड़ा हुआ है। मनो चिकित्सा रोग विभाग में मामला पहुंचा तो पता चला कि मामला एक दूसरे से व्यक्तिगत जानकारियां छिपाने का है। खासकर मोबाइल से किए जाने वाले कॉल और चैट डाटा की जानकारी न देना एक-दूसरे के प्रति अविश्वास का कारण बन गया।
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केस दो- अतीत से जुड़ी कुछ बातों की जानकारी देना पड़ा भारी

फरवरी में चोपन थाना क्षेत्र के एक 26 वर्षीय महिला ने कीटनाशक निगलकर खुदकुशी करने की कोशिश की। मामला मनो चिकित्सा विभाग में पहुंचा तो पता चला कि इसका कारण पति का शक है। बताते हैं कि काउंसिलिंग के दौरान सामने आया कि पत्नी ने पति पर भरोसा कर अतीत से जुड़ी कुछ बातों की जानकारी दी। इसके बाद से पति ने इस बात के लिए शक करना शुरू कर दिया कि विवाह पूर्व का संबंध अभी भी बरकरार है।
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केस तीन- बने अवैध संबंध, बदनामी से बचने के लिए निगला कीटनाशक

राबटर्सगंज क्षेत्र के रहने वाले एक 49 वर्षीय व्यक्ति ने इसलिए खुदकुशी की कोशिश की कि इस उम्र में उसके दूसरे महिला से संबंध बन गए थे। बच्चों और पत्नी को जब उनकी सच्चाई पता चल गई तो बदनामी से बचने के लिए कीटनाशक निगल लिया।

केस चार-बहुएं कर रही थीं परेशान तो पिया सिंदूर

ससुराल के ताने और बहू-बेटों की उपेक्षा के चलते भी खुदकुशी और उसके प्रयास के मामले सामने आ रहे हैं। दो महीने पहले ओबरा क्षेत्र की एक महिला ने सिर्फ इसलिए सिंदूर पीकर जान देने की कोशिश की कि उसकी बहुएं उसे परेशान कर रही थीं। इसी तरह राबटर्सगंज क्षेत्र की ही एक महिला ने पिछले महीने दहेज के लिए सास की तरफ से लगातार दिए जा रहे तानों के चलते जान देने की कोशिश की।

बच्चों में खुदकुशी की बढ़ती प्रवृत्ति ने भी बढ़ाई चिंता

कम उम्र के बच्चों में लगातार खुदकुशी की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर भी चिंता जताई जाने लगी है। ओबरा के रहने वाली एक 13 वर्षीय किशोरी ने इसलिए जहरीला पदार्थ निगल लिया। क्योंकि सर्दी में स्नान न करने पर मां ने डांट लगा दी थी। इसी तरह 10 साल के बच्चे ने केवल इसलिए फंदे से लटककर जान देने की कोशिश की क्योंकि किसी बात को लेकर उसके बड़े भाई ने ताना मार दिया था।

सुसाइड अटेंप्ट के रोजाना पहुंच रहे 5-6 मामले

एक तरफ बच्चों में जहां बड़ों की बात सुनने-सोचने की समझ खत्म होती जा रही है। वहीं पति-पत्नी के बीच बढ़ते शक के दायरे के चलते कुछ इस तरह के हालात बन रहे हैं कि महज मेडिकल कॉलेज के मनो चिकित्सा विभाग में रोजाना खुदकुशी के प्रयास के छह से सात मामले पहुंच रहे हैं। कभी-कभी यह संख्या 10 पहुंच जा रही है। इसमें 60 फीसद मामले 20 से 45 वर्ष के महिलाओं के आ रहे हैं। इसमें हर दूसरा मामला पति-पत्नी के बीच बढ़ते शक के दायरे का पाया जा रहा है। इसके बाद के ज्यादातर मामले सास-ससुराल वालों के तानों-प्रताड़ना से जुड़े हुए हैं। लगभग 35 फीसद प्रकरण टीनएज (10 से 19 वर्ष) और पांच फीसद मामले अधेड़ उम्र महिला-पुरूषों (45 से 55 आयुवर्ग) के पाए जा रहे हैं। अधेड़ उम्र वाली महिलाओं के ज्यादातर मामले बहू-बेटों की उपेक्षा से जुड़े बताए जा रहे हैं।

ऐसे सहेजें संबंधों की डोर, ...और इस तरह रखें अपनों का ख्याल :

- पति-पत्नी के बीच के रिश्ते में कोई भी बात छुपाई नहीं जाती। इसका खास ख्याल रखें। अगर पत्नी या पति किसी कॉल या चैट को लेकर शक जता रहा है और उसमें कोई गलत बात नहीं है तो बेझिझक उसे उसकी जानकारी दे दें।

- मोबाइल से बात या चैट करते समय किसी भी रूप में इस तरह का का प्रदर्शन न करें जिससे आपके जीवनसाथी को लगे कि वह उनसे कुछ छिपा रहा है।

- अगर कोई दूसरा मामला है तो इस पर गंभीर बनने की बजाय संवाद के जरिए इसे सुलझाने की कोशिश करें। जरूरत पड़े तो घर वालों की भी इसमें मदद ले सकते हैं।

- घर पहुंचने पर पति, मां, पिता या बेटा-बेटी गुमसुम स्थिति में मिल रहे हैं। उनसे उनका कारण जानने की कोशिश करें। कई बार उपेक्षा की स्थिति के चलते बच्चे-बड़े जिंदगी खत्म करने का निर्णय ले लेते हैं।

- बच्चों से लगातार संवाद बनाए रखें। उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखें। कहीं आपका बच्चा किसी गलत प्रवृत्ति में तो नहीं पड़ रहा, इस पर खास ध्यान दें। किसी भी मामले में दबाव, डांट, मारपीट की बजाय बातचीत का सहारा लेना बेहतर रहेगा।



पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ने की वजह संवादहीनता है। एक-दूसरे के प्रति अविश्वास का भाव उनके रिश्तों को कमजोर कर रहा है। बेहतर है कि आपस में कोई गोपनीयता न रखें, ताकि शक की भावना पनपने पाए। -पूजा, काउंसलर, मनो चिकित्सा विभाग।



सबसे ज्यादा खुदकुशी के प्रयास के मामले 20 से 45 वर्ष की आयु वाली महिलाओं के आ रहे हैं। इसमें पति-पत्नी के बीच शक बड़ा कारण बन रहा है। काउंसलिंग के जरिए पति-पत्नी दोनों से संवाद कर भरोसा जगाने की कोशिश की जा रही है। -डॉ. जितेश गुप्ता, मनोचिकित्सक/असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज।
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