{"_id":"682cc4a622a8581bf105b6c5","slug":"summer-camp-will-start-in-654-schools-from-today-sonbhadra-news-c-194-1-son1005-128654-2025-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: 654 विद्यालयों में आज से शुरू होगा समर कैंप, बच्चे सीखेंगे व्यक्तित्व विकास के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: 654 विद्यालयों में आज से शुरू होगा समर कैंप, बच्चे सीखेंगे व्यक्तित्व विकास के गुर
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गया। विद्यालयों में पठन-पाठन नहीं होगा, लेकिन समर कैंप के लिए विद्यालय नियमित खुलेंगे। जिले के 654 कंपोजिट व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए समर कैंप 21 मई से 10 जून तक चलेगा।
समर कैंप के सुचारु संचालन के लिए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने समर कैंप के दौरान सभी विद्यालयों में छात्रों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
सभी गतिविधियां छायादार स्थलों पर ही आयोजित करने के निर्देश दिए। बीएसए मुकुल आनंद पांडेय ने बताया कि यह समर कैंप तीन सप्ताह की अवधि का होगा। इसमें छात्र-छात्राएं प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे तक विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे।
विज्ञापन
इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समझ आधारित, आनंददायी और अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक और जीवन कौशल से भी जुड़ सकें।
उन्होंने बताया कि तीन सप्ताह में गतिविधियों में तीन थीम में विभाजित किया गया है। पहला राष्ट्रीय एकता, जल संरक्षण और डिजिटल कौशल विकास, दूसरा पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और रचनात्मक गतिविधियां और तीसरा योग, सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक गतिविधियां शामिल हैं।
कैंप का संचालन संबंधित विद्यालयों के अनुदेशकों के माध्यम से किया जाएगा। जहां अनुदेशक नहीं हैं, वहां शिक्षामित्रों को यह जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक प्रशिक्षक को 6000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
समर कैंप में भाग लेने वाले बच्चों के लिए पूरक पोषण गुड़ चिक्की, बाजरे का लड्डू, रामदाना लड्डू, गुड़ चना, लैया पट्टी आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसका प्रबंधन मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से किया जाएगा। बैठक में डीआईओएस जयराम सिंह, डीडीओ हेमंत सिंह, डीपीआरओ नमिता शरण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
समर कैंप के सुचारु संचालन के लिए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने समर कैंप के दौरान सभी विद्यालयों में छात्रों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
विज्ञापन
सभी गतिविधियां छायादार स्थलों पर ही आयोजित करने के निर्देश दिए। बीएसए मुकुल आनंद पांडेय ने बताया कि यह समर कैंप तीन सप्ताह की अवधि का होगा। इसमें छात्र-छात्राएं प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे तक विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे।
विज्ञापन
इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समझ आधारित, आनंददायी और अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक और जीवन कौशल से भी जुड़ सकें।
उन्होंने बताया कि तीन सप्ताह में गतिविधियों में तीन थीम में विभाजित किया गया है। पहला राष्ट्रीय एकता, जल संरक्षण और डिजिटल कौशल विकास, दूसरा पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और रचनात्मक गतिविधियां और तीसरा योग, सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक गतिविधियां शामिल हैं।
कैंप का संचालन संबंधित विद्यालयों के अनुदेशकों के माध्यम से किया जाएगा। जहां अनुदेशक नहीं हैं, वहां शिक्षामित्रों को यह जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक प्रशिक्षक को 6000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
समर कैंप में भाग लेने वाले बच्चों के लिए पूरक पोषण गुड़ चिक्की, बाजरे का लड्डू, रामदाना लड्डू, गुड़ चना, लैया पट्टी आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसका प्रबंधन मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से किया जाएगा। बैठक में डीआईओएस जयराम सिंह, डीडीओ हेमंत सिंह, डीपीआरओ नमिता शरण आदि मौजूद रहे।