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Sonebhadra News: नियमित जांच, व्यायाम और परहेज से नियंत्रित रहेगा शुगर लेवल

Thu, 14 Nov 2024 01:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2024 01:35 AM IST
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Sugar level will be controlled by regular checkups, exercise and abstinence.
मधुमेह (डायबिटीज) अब आम बीमारी होती जा रही है। 40 से अधिक उम्र के ज्यादातर लोग इससे ग्रसित हैं। तमाम बच्चों में भी मधुमेह की समस्या सामने आ रही है। डॉक्टर इसे खराब जीवन शैली का असर मान रहे हैं।
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शारीरिक श्रम कम होने और बाजार के मिलावटी खान-पान, फास्ट फूड पर निर्भरता लोगों को मधुमेह की ओर ले जा रही है। इस बीमारी के प्रति लोगाें में जागरूकता की भी बहुत कमी है।
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समय से जांच न कराने और उपचार में लापरवाही के चलते मधुमेह के साथ अन्य बीमारियां भी लोगाें को गिरफ्त में ले रही हैं। मधुमेह से तात्पर्य रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) की मात्रा जरूरत से अधिक हो जाने से है।
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इससे बार-बार पेशाब आने, वजन कम होने, धुंधला दिखने, हाथ-पैर के सुन्न होने या झुनझुनी की समस्या के साथ अक्सर थकान बनी रहती है। शरीर में लगातार शुगर का स्तर अधिक रहने से ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, कम दिखना, दिल और किडनी से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है।
ऐसे में इस बात पर जोर दिया जाता है कि मधुमेह के रोगी नियमित अंतराल पर शुगर स्तर की जांच कराते रहें, ताकि इसे नियंत्रित रखा जा सके।

खाने के बाद भी कमजोरी लगे तो जरूर कराएं जांच
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएस पांडेय के मुताबिक सामान्य रूप से डायबिटीज के दो प्रकार है। टाइप-1 डायबिटीज 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों में होती है। ज्यादातर मामलों में यह वंशानुगत है। इससे ग्रसित बच्चाें, किशोरों और युवाओं को अलग से इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। इसे दवाओं से नियंत्रित नहीं किया जा सकता। टाइप-2 डायबिटीज 30 से अधिक आयु वालों में पाई जाती है। इसमें दवाएं कारगर हैं। डायबिटीज से ग्रसित व्यक्ति को भूख ज्यादा लगती है। खाने के बाद भी शरीर में कमजोर बनी रहती है। बार-बार पेशाब आना, घाव जल्दी न भरना भी इसके लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराने चाहिए। 40 की आयु के बाद नियमित जांच जरूरी है। समय से बीमारी की पहचान होने पर उसे नियंत्रित किया जा सकता है।


फिट रहना है तो खान-पान में संयम बरतें, व्यायाम करें
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बी. सागर के मुताबिक डायबिटीज से बचना है तो खान-पान में परहेज जरूरी है। चीनी, गुड़, चावल, आलू, मिठाई जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन कम से कम करें। केला, आम भी तेजी से शुगर बढ़ाने वाले हैं। हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम आधा घंटा टहलना और व्यायाम करना चाहिए। शारीरिक श्रम बेहद जरूरी है।
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