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Sonbhadra: राज्य महिला आयोग की सदस्य का दौरा, अस्पताल में मिली भारी खामियां, जताई नाराजगी

Wed, 06 Nov 2024 08:24 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Wed, 06 Nov 2024 08:24 PM IST
सार

राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सोनभद्र के अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जिसमें खामियां मिलने पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में दवाएं थी लेकिन फिर भी मरीजों को बाहर भेजा जा रहा था इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड की जांच में भी मनमानी सामने आई जिसके बाद इन्होने महिला आयोग और सीएम को अवगत कराते हुए कार्रवाई कराने की बात कही।

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State Women Commission member visits finds huge flaws in the hospital expresses displeasure
निरीक्षण करती राज्य महिला आयोग की सदस्य - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सोनभद्र में सरकारी अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों को बाहर की दवा लिखी जा रही है। बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात के निरीक्षण में इसकी पोल खुल गई। जिला अस्पताल में कई मरीजों ने पर्चे पर लिखी बाहर की दवा दिखाई। जब स्टोर में इन दवाओं के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि उसी ग्रुप की अन्य दवाएं उपलब्ध हैं, मगर मरीजों को नहीं दी जा रही। अल्ट्रासाउंड जांच में भी मनमानी सामने आई। इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराने की बात कही है। स्टॉक रजिस्टर भी सील किया।

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आयोग की सदस्य ने बुधवार को जिला अस्पताल, पीपीपी मॉडल पर संचालित सौ बेड मातृ शिशु इकाई का निरीक्षण किया। मरीजों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। उनके पर्चे की जांच की तो कई दवाएं ऐसी थी, जिसे बाहर से लेने को कहा गया था। इस पर वह दवा वितरण काउंटर पर पहुंची। कर्मचारी का कहना था कि दवा नहीं है। बाद में पता चला कि उसी ग्रुप की अन्य दवा उपलब्ध है, लेकिन उसे मरीजों को जानबूझकर न देकर बाहर से लेने को कहा जा रहा है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कर्मचारी को फटकार लगाई।
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अल्ट्रासाउंड रजिस्टर की जांच के दौरान कई मरीज ऐसे मिले, जिन्हें बाहर से भेजा गया था। मनमाने तरीके से उनकी जांच पहले की गई थी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से मरीजों के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है, बावजूद कई मरीजों को बाहर से दवाएं लिखा जाना भ्रष्टाचार का प्रमाण है। मातृ-शिशु इकाई हॉस्पिटल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को शासन स्तर पर पत्राचार करने के लिए कहा। उन्होंने निरीक्षण में मिली खामियों के संबंध में महिला आयोग और मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा, ताकि जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। 

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