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Sonebhadra News: अब जिले में ही होंगे रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन, बड़े शहरों की नहीं लगानी होगी दौड़

Fri, 19 Jun 2026 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:14 PM IST
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Spine surgeries will now be performed within the district itself; there will be no need to travel to big cities.
सोनभद्र। रीढ़ की हड्डी में टीबी के कारण किए जाने वाले ऑपरेशन के लिए अब मरीज को वाराणसी-लखनऊ जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज को एनेस्थेसिया वर्क स्टेशन की सौगात मिली है। डॉक्टरों की टीम ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक जिले की पहली स्पॉइन सर्जरी की। इस नई सुविधा के बाद अब अधिकांश बड़े ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज में ही किए जा सकेंगे। प्रबंधन ने इसके लिए असिस्टेंट प्रोफसर आर्थो डॉ. अवनीश सिंह की अगुवाई वाली टीम की सराहना की और इसे चिकित्सा विभाग व कॉलेज दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
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प्रबंधन के मुताबिक, लालजी (45) को पिछले छह-सात माह से कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में खिंचाव और झुनझुनी की शिकायत थी। वह पिछले सप्ताह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जांच में पता चला कि रीढ़ की हड्डी में टीबी हो गई और इसके चलते मवाद भी बन रहा है। उन्हें जल्द ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई। इसी बीच सरकार की तरफ से मेडिकल कॉलेज को एनेस्थेसिया वर्क स्टेशन उपलब्ध करा दिया गया। इसके बाद डॉ. अवनीश शाह और एनेस्थेटिक डॉ. चंद्रभूषण की टीम ने मेडिकल कॉलेज में ही स्पॉइन सर्जरी का निर्णय लिया। शुक्रवार को दो घंटे से अधिक समय में सर्जरी की गई।
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मेडिकल कॉलेज में हो सकेंगे सभी तरह के बड़े ऑपरेशन :
अभी तक मेडिकल कॉलेज में वही ऑपरेशन संभव हो पा रहे थे, जिसमें इंजेक्शन लगाकर प्रभावित एरिया को सुन्न किया जाता है। स्पॉइन सर्जरी जैसे बड़े ऑपरेशनों में पूरे शरीर को बेहोश (एक साथ शरीर के एक बड़े हिस्से को सुन्न) करने की जरूरत पड़ती है, वह संभव नहीं हो पा रहा था। एनेस्थेसिया वर्क स्टेशन की सौगात मिलने के बाद यह अड़चन दूर हो गई। अब यहां जिस भी बड़ी सर्जरी की जरूरत पड़ेगी उसे मेडिकल कॉलेज स्तर पर ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। सिर्फ इसके लिए संबंधित विशेषज्ञता के सर्जन की जरूरत पड़ेगी।
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चिकित्सा के मामले में एनेस्थेसिया वर्क स्टेशन के रूप में सरकार ने जिले को एक बड़ी सौगात दी है। इसे मिलने के बाद डॉक्टरों की टीम ने स्पॉइन सर्जरी जैसे जटिल ऑपेरशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस कार्य के लिए पूरी टीम सराहना की पात्र है। यह चिकित्सा विभाग और मेडिकल कॉलेज दोनों के लिए उपलब्धि है। - प्रो. (डॉ.) आनंद कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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