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पुत्रों के लिए मां ने रखा व्रत
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Fri, 04 Nov 2016 11:16 PM IST
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राबर्ट्सगंज में मेंहुड़ी नहर पर छठ पूजन के लिए वेदी बनाते बच्चे।
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पुत्रों की दीर्घायु और मंगल कामना के लिए माताएं कार्तिक शुक्ल पक्ष के चतुर्थी तिथि शुक्रवार से नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय डाला छठ व्रत की शुरुआत की। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित राम सरोवर तालाब, बढ़ौली गांव के शिव सरोवर, अकड़हवा पोखरा, मेहुड़ी नहर पर पूजा के लिए बेदी बनाई गई। इसके अलावा बभनी बंधे पर, विंढमगंज स्थित सततवाहिनी नदी, कोन स्थित पांडू नदी, चोपन स्थित सोन नदी, सांगोबाध स्थित पांगन नदी, ओबरा स्थित रेणु नदी के किनारे छठ घाटों पर भी पूजन के लिए वेदी बनाई गई।
व्रती महिलाएं कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शुक्रवार को घर की साफ-सफाई करने के साथ ही छठ घाट की साफ-सफाई कर पूजा बेदी बनाया। शाम के समय शुद्ध शाकाहारी भोजन के रूप में लौकी या कद्दू की सब्जी, चने की दाल और चावल का भोजन करके व्रत की शुरुआत की। इसमें पहले व्रती महिलाओं के भोजन करने के बाद ही घर के अन्य सदस्य भोजन करते हैं। इस दिन नमक और तेल वर्जित रहता है। छठ व्रत में सबसे ज्यादे साफ-सफाई का महत्व रहता है। राबर्ट्सगंज नगर पालिका चेयरमैन कृष्ण मुरारी गुप्ता की ओर से छठ घाटों पर साफ-सफाई कराई गई। बभनी: बभनी बंधे पर छठ घाट पर साफ-सफाई कर शुक्रवार को पूजा के लिए वेदी बनाई गई। विंढमगंज: बुटबेढ़वा गांव स्थित सूर्य मंदिर के पास स्थित सततवाहिनी नदी किनारे बने छठ घाट पर पूजा वेदी बनाई गई। यहां पर झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से श्रद्धालु आते हैं।
कोन: क्षेत्र के पांडु नदी स्थित छठ घाट पर साफ-सफाई कर शुक्रवार को पूजा की बेदी बनाई गई। चोपन: सोन नदी तट पर बने छठ घाट पर चोपन नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज अहमद के जरिए साफ-सफाई कराई गई। व्रती महिलाओं की ओर से छठ घाट पर शुक्रवार को पूजा वेदी बनाई गई। ओबरा: रेणु नदी घाट पर छठ पूजन के लिए शुक्रवार को पूजा वेदी बनाई गई। रेणुकूट: पिपरी नगर पंचायत की अध्यक्षा सावित्री देवी की ओर से छठ पूजा के मद्देनजर हनुमान मंदिर, न्यू मार्केट, बैकुंठपुर कॉलोनी में बने छठ कुंड, मुरली गढ़ी, काली मंदिर एवं सभी वार्डों में बने छठ कुंडो की सफाई कर पानी भरा गया। सागोबांध: पांगन नदी जो छत्तीसगढ़ और प्रदेश की सीमा पर स्थित है, वहां पर छठ पूजा समिति सागोबांध की ओर से साफ-सफाई कराई गई।
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व्रती महिलाएं कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शुक्रवार को घर की साफ-सफाई करने के साथ ही छठ घाट की साफ-सफाई कर पूजा बेदी बनाया। शाम के समय शुद्ध शाकाहारी भोजन के रूप में लौकी या कद्दू की सब्जी, चने की दाल और चावल का भोजन करके व्रत की शुरुआत की। इसमें पहले व्रती महिलाओं के भोजन करने के बाद ही घर के अन्य सदस्य भोजन करते हैं। इस दिन नमक और तेल वर्जित रहता है। छठ व्रत में सबसे ज्यादे साफ-सफाई का महत्व रहता है। राबर्ट्सगंज नगर पालिका चेयरमैन कृष्ण मुरारी गुप्ता की ओर से छठ घाटों पर साफ-सफाई कराई गई। बभनी: बभनी बंधे पर छठ घाट पर साफ-सफाई कर शुक्रवार को पूजा के लिए वेदी बनाई गई। विंढमगंज: बुटबेढ़वा गांव स्थित सूर्य मंदिर के पास स्थित सततवाहिनी नदी किनारे बने छठ घाट पर पूजा वेदी बनाई गई। यहां पर झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से श्रद्धालु आते हैं।
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कोन: क्षेत्र के पांडु नदी स्थित छठ घाट पर साफ-सफाई कर शुक्रवार को पूजा की बेदी बनाई गई। चोपन: सोन नदी तट पर बने छठ घाट पर चोपन नगर पंचायत चेयरमैन इम्तियाज अहमद के जरिए साफ-सफाई कराई गई। व्रती महिलाओं की ओर से छठ घाट पर शुक्रवार को पूजा वेदी बनाई गई। ओबरा: रेणु नदी घाट पर छठ पूजन के लिए शुक्रवार को पूजा वेदी बनाई गई। रेणुकूट: पिपरी नगर पंचायत की अध्यक्षा सावित्री देवी की ओर से छठ पूजा के मद्देनजर हनुमान मंदिर, न्यू मार्केट, बैकुंठपुर कॉलोनी में बने छठ कुंड, मुरली गढ़ी, काली मंदिर एवं सभी वार्डों में बने छठ कुंडो की सफाई कर पानी भरा गया। सागोबांध: पांगन नदी जो छत्तीसगढ़ और प्रदेश की सीमा पर स्थित है, वहां पर छठ पूजा समिति सागोबांध की ओर से साफ-सफाई कराई गई।
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