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सरकारी विभागों की ठप होगी बिजली आपूर्ति
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज विद्युत वितरण खंड से जुड़े शिक्षा विभाग समेत अन्य सरकारी दफ्तरों पर करीब 25 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। नोटिस के बाद भी बिल जमा न करने वाले सरकारी दफ्तरों की आपूर्ति ठप होगी। विद्युत निगम कनेक्शन काटने की तैयारी में जुट गया है।
उच्चाधिकारियों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को अभियान चलाकर बकाया बिल की वसूली करने को कहा है। बकाया बिल जमा न करने वालों के कनेक्शन काटकर चोरी से बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है। आदेश के क्रम में विभागीय अधिकारी दस हजार रुपये से अधिक के बकाएदारों की विद्युत आपूर्ति ठप करने की कार्रवाई शुरू भी कर दी है। लेकिन सरकारी दफ्तरों पर बकाया धनराशि अभी तक जमा नहीं हो रही है। इसको लेकर आम लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि हजारों रुपये के बकाएदारों की आपूर्ति ठप कर दी जा रही है, जबकि करोड़ों और लाखों रुपये के बकाएदार सरकारी कार्यालयों की कनेक्शन नहीं काटे जा रहे हैं। विद्युत निगम से मिली जानकारी के अनुसार जनपद में सबसे बड़े बकायेदारों में सरकारी महकमे में शिक्षा विभाग का नाम शामिल है। शिक्षा विभाग पर करीब 12 करोड़ रपये बिजली बिल बकाया है। जल निगम कार्यालय पर 6 करोड़, स्वास्थ्य विभाग पर 4 करोड़, वन विभाग कार्यालय पर 20 लाख, पुलिस विभाग कार्यालय पर एक करोड़, विकास भवन पर एक करोड़, राजस्व विभाग कार्यालय पर 20 लाख समेत अन्य कई सरकारी कार्यालयों का बिजली बिल जमा नहीं हुआ है। सरकारी दफ्तरों पर 25 से 26 करोड़ रुपये विद्युत बिल बकाया है।
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उच्चाधिकारियों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को अभियान चलाकर बकाया बिल की वसूली करने को कहा है। बकाया बिल जमा न करने वालों के कनेक्शन काटकर चोरी से बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है। आदेश के क्रम में विभागीय अधिकारी दस हजार रुपये से अधिक के बकाएदारों की विद्युत आपूर्ति ठप करने की कार्रवाई शुरू भी कर दी है। लेकिन सरकारी दफ्तरों पर बकाया धनराशि अभी तक जमा नहीं हो रही है। इसको लेकर आम लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि हजारों रुपये के बकाएदारों की आपूर्ति ठप कर दी जा रही है, जबकि करोड़ों और लाखों रुपये के बकाएदार सरकारी कार्यालयों की कनेक्शन नहीं काटे जा रहे हैं। विद्युत निगम से मिली जानकारी के अनुसार जनपद में सबसे बड़े बकायेदारों में सरकारी महकमे में शिक्षा विभाग का नाम शामिल है। शिक्षा विभाग पर करीब 12 करोड़ रपये बिजली बिल बकाया है। जल निगम कार्यालय पर 6 करोड़, स्वास्थ्य विभाग पर 4 करोड़, वन विभाग कार्यालय पर 20 लाख, पुलिस विभाग कार्यालय पर एक करोड़, विकास भवन पर एक करोड़, राजस्व विभाग कार्यालय पर 20 लाख समेत अन्य कई सरकारी कार्यालयों का बिजली बिल जमा नहीं हुआ है। सरकारी दफ्तरों पर 25 से 26 करोड़ रुपये विद्युत बिल बकाया है।
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