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Sonebhadra News: कहीं दरवाजा नहीं तो कहीं सीट ही गायब और जिला हो गया ओडीएफ
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नगवां ब्लॉक के चकया गांव का शौचालय।
- फोटो : SONBHADRA
स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। घर-घर शौचालय बनवाए गए हैं। पंचायती राज विभाग के आंकड़ों में करीब तीन लाख शौचालय बनाए गए हैं। इसी आधार पर जिले को खुले में शौच मुक्त भी घोषित किया गया है। वहीं धरातल पर देखें तो कई गांवों में बने शौचालय अधूरे हैं या फिर निष्प्रयोज्य हैं। कई जगह शौचालय में कबाड़ या अन्य सामान रखा जा रहा है। तमाम शौचालयों की छत, शीट, दरवाजा आदि गायब है। इसके पीछे उनकी तरह-तरह की दलील भी है। कुछ ने शौचालय का धन पूरा न मिलने की बात कही तो कइयों का कहना है कि ग्राम पंचायत की ओर से निर्माण गुणवत्तापूर्ण न होने से शौचालय खराब हो गया। शौचालय निर्माण के सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति की पड़ताल करती रिपोर्ट। (संवाद)
हवा के एक झोंके में ढह गई दीवार
दुद्धी। विकास खंड क्षेत्र के बघाडू गांव में पूर्व आई तेज आंधी में एक शौचालय की दीवार ढह गई। गांव के अमर सिंह का कहना है कि घर के बाहर चार साल पहले ग्राम प्रधान द्वारा शौचालय का निर्माण कराया गया था। मगर शौचालय में कभी जाने का अवसर भी नहीं मिला। शौचालय का गड्ढा बनते समय ही क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद आंधी के झोंके से शौचालय के शेड व दीवार गिर गई, जो दोबारा नहीं बनी। इसी ब्लॉक के हीराचक गांव में कई शौचालय अधूूरे हैं। लोग उनमें कबाड़ या अन्य सामान रखे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के माध्यम से शौचालय बनाए जा रहे थे, जो पूरे नहीं किए गए।
30 प्रतिशत शौचालय निष्प्रयोज्य
वैनी। नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत चकयां, सेमरिया और पटवध में करीब 30 प्रतिशत शौचालय निष्प्रयोज्य है। कहीं पानी की समस्या से शौचालय का प्रयोग नहीं हो रहा है तो कहीं शौचालय का दरवाजा या शीट क्षतिग्रस्त है। यही स्थिति अन्य ग्राम पंचायतों की भी है। इस संबंध में एडीओ पंचायत रामचरन का कहना है कि ब्लॉक में कितने व्यक्तिगत शौचालय बने हैं, इसकी जानकारी नहीं है। कार्यालय खुलने पर पता किया जाएगा।
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बगैर छत के बना है शौचालय
रामगढ़। चतरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत घेवल के राजस्व गांव शिवपुर में बिना छत का शौचालय सरकारी तंत्र को मुंह चिढ़ा रहा है। गांव के रामनरायण पुत्र राम जियावन शौचालय की छत पर लकड़ी रखकर आड़ किए हुए हैं। शौचालय में दरवाजा भी नहीं है। दरवाजा की जगह पर्दा लगाया गया है। अन्य ग्राम पंचायतों में भी शौचालय अधूरे हैं।
जिले में क्षतिग्रस्त शौचालय का रेट्रो फिटिंग के तहत सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद ही क्षतिग्रस्त शौचालयों की मरम्मत कराई जाएगी। - विशाल सिंह, डीपीआरओ सोनभद्र।
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हवा के एक झोंके में ढह गई दीवार
दुद्धी। विकास खंड क्षेत्र के बघाडू गांव में पूर्व आई तेज आंधी में एक शौचालय की दीवार ढह गई। गांव के अमर सिंह का कहना है कि घर के बाहर चार साल पहले ग्राम प्रधान द्वारा शौचालय का निर्माण कराया गया था। मगर शौचालय में कभी जाने का अवसर भी नहीं मिला। शौचालय का गड्ढा बनते समय ही क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद आंधी के झोंके से शौचालय के शेड व दीवार गिर गई, जो दोबारा नहीं बनी। इसी ब्लॉक के हीराचक गांव में कई शौचालय अधूूरे हैं। लोग उनमें कबाड़ या अन्य सामान रखे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के माध्यम से शौचालय बनाए जा रहे थे, जो पूरे नहीं किए गए।
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30 प्रतिशत शौचालय निष्प्रयोज्य
वैनी। नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत चकयां, सेमरिया और पटवध में करीब 30 प्रतिशत शौचालय निष्प्रयोज्य है। कहीं पानी की समस्या से शौचालय का प्रयोग नहीं हो रहा है तो कहीं शौचालय का दरवाजा या शीट क्षतिग्रस्त है। यही स्थिति अन्य ग्राम पंचायतों की भी है। इस संबंध में एडीओ पंचायत रामचरन का कहना है कि ब्लॉक में कितने व्यक्तिगत शौचालय बने हैं, इसकी जानकारी नहीं है। कार्यालय खुलने पर पता किया जाएगा।
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बगैर छत के बना है शौचालय
रामगढ़। चतरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत घेवल के राजस्व गांव शिवपुर में बिना छत का शौचालय सरकारी तंत्र को मुंह चिढ़ा रहा है। गांव के रामनरायण पुत्र राम जियावन शौचालय की छत पर लकड़ी रखकर आड़ किए हुए हैं। शौचालय में दरवाजा भी नहीं है। दरवाजा की जगह पर्दा लगाया गया है। अन्य ग्राम पंचायतों में भी शौचालय अधूरे हैं।
जिले में क्षतिग्रस्त शौचालय का रेट्रो फिटिंग के तहत सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद ही क्षतिग्रस्त शौचालयों की मरम्मत कराई जाएगी। - विशाल सिंह, डीपीआरओ सोनभद्र।