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Sonebhadra News: एआरपी के चयन में सुस्ती
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सोनभद्र। अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी अभी तक जिले में (अकेडमिक रिसोर्स पर्सन) एआरपी की चयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई है। लिखित परीक्षा का परिणाम भी घोषित नहीं किया गया है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2070 विद्यालय संचालित हैं। विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन के लिए जिले में 40 एआरपी का चयन किया जाना है। इसके लिए जिले के 130 शिक्षकों ने आवेदन किया था। यह प्रक्रिया विभागीय लेटलतीफी की भेंट चढ़ रही है। 21 अप्रैल को इस प्रक्रिया के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान उरमौरा में लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें 85 शिक्षकों ने भाग लिया था।
गणित विषय के लिए कुल 36 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 21 ने परीक्षा दी। हिंदी में 14 में से 10 आवेदकों ने परीक्षा दी। अंग्रेजी में 20 में से 15 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। विज्ञान में 30 में से 9 ने परीक्षा छोड़ दी थी। सामाजिक विषय में 30 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 18 ने परीक्षा दी थी। अभी तक इस परीक्षा का परिणाम भी जारी नहीं किया गया है। शिक्षकों को परीक्षा के परिणाम का इंतजार है। परिणाम के बाद दो चरण की अन्य परीक्षाओं से भी शिक्षकों को गुजरना है। इसमें माइक्रो टीचिंग परीक्षा होगी। इसमें इन्हें पांच से दस मिनट पढ़ाकर दिखाना होगा। इसके बाद इंटरव्यू का आयोजन होगा। इसके बाद चयन सूची जारी होगी। ऐसे में नये सत्र में गर्मी की छुट्टी के बाद ही अकेडमिक रिसोर्स पर्सन मिलने की उम्मीद है।
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एआरपी की जिम्मेदारी
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का मुख्य काम शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करना है। ये शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की सहायता करके गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। एआरपी का कार्यकाल तीन साल का होगा।
जल्द ही लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हो जाएगा। इसके बाद चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। - मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2070 विद्यालय संचालित हैं। विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन के लिए जिले में 40 एआरपी का चयन किया जाना है। इसके लिए जिले के 130 शिक्षकों ने आवेदन किया था। यह प्रक्रिया विभागीय लेटलतीफी की भेंट चढ़ रही है। 21 अप्रैल को इस प्रक्रिया के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान उरमौरा में लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसमें 85 शिक्षकों ने भाग लिया था।
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गणित विषय के लिए कुल 36 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 21 ने परीक्षा दी। हिंदी में 14 में से 10 आवेदकों ने परीक्षा दी। अंग्रेजी में 20 में से 15 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। विज्ञान में 30 में से 9 ने परीक्षा छोड़ दी थी। सामाजिक विषय में 30 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 18 ने परीक्षा दी थी। अभी तक इस परीक्षा का परिणाम भी जारी नहीं किया गया है। शिक्षकों को परीक्षा के परिणाम का इंतजार है। परिणाम के बाद दो चरण की अन्य परीक्षाओं से भी शिक्षकों को गुजरना है। इसमें माइक्रो टीचिंग परीक्षा होगी। इसमें इन्हें पांच से दस मिनट पढ़ाकर दिखाना होगा। इसके बाद इंटरव्यू का आयोजन होगा। इसके बाद चयन सूची जारी होगी। ऐसे में नये सत्र में गर्मी की छुट्टी के बाद ही अकेडमिक रिसोर्स पर्सन मिलने की उम्मीद है।
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एआरपी की जिम्मेदारी
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का मुख्य काम शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करना है। ये शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की सहायता करके गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। एआरपी का कार्यकाल तीन साल का होगा।
जल्द ही लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हो जाएगा। इसके बाद चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। - मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।