फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Shubham formed the firm in 2022 and became the kingpin in six months.

Sonebhadra News: शुभम ने 2022 में बनाई थी फर्म, छह महीने में बन गया सरगना

Thu, 04 Dec 2025 01:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Dec 2025 01:44 AM IST
विज्ञापन
Shubham formed the firm in 2022 and became the kingpin in six months.
सोनभद्र। सहारनपुर के विभव राणा गिरोह पर वर्ष 2021 में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शिकंजा कसना शुरू किया तो शुभम ने 2022 में अपने पिता के नाम से शैली ट्रेडर्स नामक फर्म बनाई।
विज्ञापन

विभव की फर्म जीआर ट्रेडिंग पर सवाल उठने का लाभ लेकर अपनी फर्म को सिरप निर्माता कंपनी एबाट हेल्थ केयर लिमिटेड से मुख्य वितरक का दर्जा दिलाया।
पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तस्करी में अड़चनों से बचने के लिए रांची में गोदाम बनाया और वहां से पूर्वांचल की फर्मों के लिए आपूर्ति दिखाई। कहीं नई फर्मों के नाम पर फर्जी आपूर्ति तो कहीं बगैर कुछ किए दो से चार प्रतिशत के कमीशन का लालच देकर गाजियाबाद, मेरठ से लेकर प्रयागराज तक शुभम ने ऐसा नेटवर्क फैलाया कि महज छह माह में इस काले कारोबार का सरगना बन गया।
विज्ञापन

बता दें कि सहारनपुर की जीआर ट्रेडिंग और सचिन मेडिकोज ने तस्करों का बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया था। 2021 में जब एसटीएफ वाराणसी और एनसीबी ने इसकी कमर तोड़नी शुरू की तो इस धंधे से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों ने नए नेटवर्क की जरूरत महसूस की। इसके लिए बेनकाब हो चुके चेहरों के अलावा नए नाम तलाशे गए। यूपी में सहारनपुर की बजाय गाजियाबाद को भंडारण का ठिकाना बनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गाजियाबाद के नेटवर्क की जिम्मेदारी आसिफ-वसीम ने संभाली और पूर्वांचल की जिम्मेदारी शुभम को सौंपी गई। बाद में आसिफ दुबई चला गया और शुभम को यूपी सहित असम, झारखंड, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों की जिम्मेदारी सौंप दी गई। वसीम पश्चिम बंगाल का नेटवर्क संभालने में लग गया।
सूत्र बताते हैं कि बल्क खरीदारी में कंपनी से लगभग 174 रुपये की पड़ने वाली सिरप भारत में 300 और बांग्लादेश नेपाल में 500 से 600 रुपये में बिकने लगी। ज्यादा से ज्यादा सिरप की तस्करी की जा सके इसके लिए पूर्वांचल के लगभग हर जनपद में नई फर्में बनाई गईं। बोर्ड-बैनर ऐसी जगहों पर टांगे गए जहां कम से कम लोगों की नजर पड़े। पूर्व में जिनके लाइसेंस निरस्त किए जा चुके थे उनके नाम पर भी आपूर्ति बिल जारी किए गए।

दिलचस्प मसला यह है कि 2021 में नशीले सिरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद भी नए फर्मों पर लिए जा रहे लाइसेंसों का किस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है, इसे जांचने की जरूरत तक नहीं समझी गई। ऐसा कुछ न होने की एक रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेजे जाने की बात कई दिनों तक चर्चा में बनी रही। सोनभद में भी दो फर्जी फर्में तब पकड़ में जब एसआईटी ने इनकी भूमिका पर सवाल उठाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed