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झूमते-गाते कांवरिया हुए रवाना
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:43 PM IST
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म्योरपुर से बाबा बैजनाथ धाम रवाना होते कांवरियां।
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श्रावण मास के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए रविवार से ही कांवरियों का जत्था देवधाम के लिए रवाना होने लगा है। झमाझम बारिश के बीच झूमते-गाते कांवरिया जलाभिषेक के लिए निकले। कांवरियों के सुरक्षा को लेकर जिले में में कड़े प्रबंध किए गए हैं। बोल बम के उद्घोष से समूचा सोनांचल गूंज उठा। शिवद्घार में एडीएम और एएसपी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए है।
शनिवार की शाम पांच बजे से विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर से जल लेकर कांवरिया शिवद्वार के लिए रवाना होने लगे थे। रविवार को भी दुर्ग से कांवरिये निकले। रास्ते में कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसको लेकर जिला प्रशासन सक्रिय रहा।
धंधरौल बांध से सदर एसडीम कैलाश सिंह, सीओ सच्चिदानंद और कोतवाल अबरार अहमद शाहगंज थाना क्षेत्र के बार्डर ढूटेर गांव तक भ्रमण कर रहे। घोरावल रविवार की देर शाम मिर्जापुर जिले के बैरिया घाट स्थित गंगा नदी और चुनार के गंगा नदी व रामसरोवर से जल लेकर कांवरियों का जत्था गुप्तकाशी पहुंचने लगा था।
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घोरावल कस्बे में स्थित मुक्खाफाल मोड़ से शिवद्धार के बीच लगे नौ बैरियरों पर फोर्स तैनात रही। भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। एडीएम रामचंद्र और एएसपी शंभुशरण यादव मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में भ्रमण कर जानकारी लेते रहे। रामदेव, रामेश्वर, पिंटू, विशाल आदि कांवरिया रवाना हो गए।
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शनिवार की शाम पांच बजे से विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर से जल लेकर कांवरिया शिवद्वार के लिए रवाना होने लगे थे। रविवार को भी दुर्ग से कांवरिये निकले। रास्ते में कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसको लेकर जिला प्रशासन सक्रिय रहा।
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धंधरौल बांध से सदर एसडीम कैलाश सिंह, सीओ सच्चिदानंद और कोतवाल अबरार अहमद शाहगंज थाना क्षेत्र के बार्डर ढूटेर गांव तक भ्रमण कर रहे। घोरावल रविवार की देर शाम मिर्जापुर जिले के बैरिया घाट स्थित गंगा नदी और चुनार के गंगा नदी व रामसरोवर से जल लेकर कांवरियों का जत्था गुप्तकाशी पहुंचने लगा था।
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घोरावल कस्बे में स्थित मुक्खाफाल मोड़ से शिवद्धार के बीच लगे नौ बैरियरों पर फोर्स तैनात रही। भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। एडीएम रामचंद्र और एएसपी शंभुशरण यादव मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में भ्रमण कर जानकारी लेते रहे। रामदेव, रामेश्वर, पिंटू, विशाल आदि कांवरिया रवाना हो गए।