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कोर्ट का फैसला: अनुसूचित जाति की युवती से दुष्कर्म में दोषी को सात साल की सजा, 50 हजार का ठोका जुर्माना
Tue, 08 Apr 2025 02:52 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 02:52 PM IST
सार
सोनभद्र जिले में अनुसूचित जाति की युवती से दुष्कर्म में दोषी को सात साल की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अनुसूचित जाति की युवती से 11 वर्ष पूर्व घर में घुसकर दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दोषी को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक करमा थानांतर्गत एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने 28 मार्च 2014 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि 19 मार्च की दोपहर में जब उसकी बेटी घर में अकेली थी, तभी देवा दुबे घर में घुस आया।
उसका मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। धमकी दिया कि अगर किसी से बताओगी तो जान से मार देंगे। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जुटे तो आरोपी फरार हो गया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषी देवा दुबे को 7 वर्ष के सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक करमा थानांतर्गत एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने 28 मार्च 2014 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि 19 मार्च की दोपहर में जब उसकी बेटी घर में अकेली थी, तभी देवा दुबे घर में घुस आया।
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उसका मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। धमकी दिया कि अगर किसी से बताओगी तो जान से मार देंगे। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जुटे तो आरोपी फरार हो गया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषी देवा दुबे को 7 वर्ष के सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।