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रोडवेज की हड़ताल से यात्रियों ने बहाए पसीने
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Thu, 30 Apr 2015 11:44 PM IST
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केंद्र सरकार के रोड सेफ्टी बिल के विरोध में गुरुवार को रोडवेज बसों का पहिया थम गया। मिर्जापुर और वाराणसी डिपों की बसें जिले में नहीं आईं। जबकि सोनभद्र डिपो की बसों का संचालन थोड़ा बहुत किया गया।
बसों का संचालन ठप होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। तपती धूप में यात्री बसों का इंतजार कर पसीना बहाते नजर आए। राबर्ट्सगंज रोडवेज के इंचार्ज राजकुमार सिंह का कहना है कि यहां हड़ताल का आंशिक असर है।
केंद्र सरकार के रोड सेफ्टी बिल का विरोध गुरुवार को यात्रियों को महंगा पड़ गया। सरकार ने सड़क हादसे पर सात साल की सजा और तीन लाख का जुर्माना क्या लगाया रोडवेज कर्मियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
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गुरुवार को रोडवेज कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की वजह से बसों का संचालन प्रभावित रहा। मिर्जापुर और वाराणसी डिपो की बसें यहां इक्का-दुक्का ही चलीं।
इससे वहां से आने वाले लोगों को प्राइवेट बसों और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि सोनभद्र डिपों की कुछ हद तक बसें चलीं लेकिन कम बसों के संचालन से यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी।
चिलचिलाती धूप में यात्री बसों के चक्कर में पसीना बहाते रहे। कभी रोडवेज में तो कभी सड़क पर जाकर प्राइवेट वाहनों की राह तकते रहे।
उधर रोडवेज कर्मियों ने राबर्ट्सगंज डिपो में विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में नारेबाजी की। कर्मियों ने सेफ्टी बिल वापस लेने की मांग की।
इस दौरान रामबाबू, रमेश, चंदन प्रसाद, सुनील चौबे, नसरूल्ला खां, विशाल कुमार, जगदीश, प्रमोद लाला, दिनेश पाल मौजूद रहे।
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बसों का संचालन ठप होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। तपती धूप में यात्री बसों का इंतजार कर पसीना बहाते नजर आए। राबर्ट्सगंज रोडवेज के इंचार्ज राजकुमार सिंह का कहना है कि यहां हड़ताल का आंशिक असर है।
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केंद्र सरकार के रोड सेफ्टी बिल का विरोध गुरुवार को यात्रियों को महंगा पड़ गया। सरकार ने सड़क हादसे पर सात साल की सजा और तीन लाख का जुर्माना क्या लगाया रोडवेज कर्मियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
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गुरुवार को रोडवेज कर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की वजह से बसों का संचालन प्रभावित रहा। मिर्जापुर और वाराणसी डिपो की बसें यहां इक्का-दुक्का ही चलीं।
इससे वहां से आने वाले लोगों को प्राइवेट बसों और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि सोनभद्र डिपों की कुछ हद तक बसें चलीं लेकिन कम बसों के संचालन से यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी।
चिलचिलाती धूप में यात्री बसों के चक्कर में पसीना बहाते रहे। कभी रोडवेज में तो कभी सड़क पर जाकर प्राइवेट वाहनों की राह तकते रहे।
उधर रोडवेज कर्मियों ने राबर्ट्सगंज डिपो में विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में नारेबाजी की। कर्मियों ने सेफ्टी बिल वापस लेने की मांग की।
इस दौरान रामबाबू, रमेश, चंदन प्रसाद, सुनील चौबे, नसरूल्ला खां, विशाल कुमार, जगदीश, प्रमोद लाला, दिनेश पाल मौजूद रहे।