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जान जोखिम में डालकर पार कर रहे नदी
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:40 PM IST
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नगवां ब्लॉक के नयनदह नदी का टूटा पूल।
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जिले में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से बिहार को जोड़ने वाला नयनदह नदी पर बना पुल टूटकर बह गया है। इसकी वजह से बिहार का आवागमन ठप है। वहीं जान जोखिम में डालकर ग्रामीण पैदल ही नदी को पार कर रहे हैं। नगवां ब्लॉक क्षेत्र के प्रधानों ने जिला प्रशासन से अविलंब पुल निर्माण कराए जाने की मांग उठाई है। साथ ही शीघ्र निर्माण न कराए जाने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें कि नक्सल प्रभावित नगवां ब्लॉक अंतर्गत मड़पा गांव के समीप मांची-चरगड़ा के बीच नयनदह नदी में बना पुल मूसलाधार हुई बारिश में टूटकर बह गया। इससे यूपी और बिहार का आवागमन ठप हो गया। चरगड़ा गांव के प्रधान यूसुफ अली ने जिला प्रशासन से अविलंब पुल के मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
देवहार के बालेश्वर, मड़पा के तैय्यब अली, ग्राम प्रधान अमृत लाल यादव ने कहा कि नयनदह नदी पर बने पुल का निर्माण करीब पांच साल पूर्व हुआ था। कहा कि पिछले नौ जुलाई को पूर्व एसडीएम कैलाश सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभाग को तीन दिन के भीतर पुल निर्माण कराए जाने का निर्देश दिया था।
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विभाग की ओर से तीन दिन में पुल का निर्माण करा दिया गया। इसका नतीजा रहा कि अभी हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश को नहीं सहन कर पाया और पुन: पुल टूटकर बह गया। नगवां ब्लॉक क्षेत्र के प्रधानों ने कहा कि शीघ्र पुल का निर्माण नहीं कराया जाता तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
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बता दें कि नक्सल प्रभावित नगवां ब्लॉक अंतर्गत मड़पा गांव के समीप मांची-चरगड़ा के बीच नयनदह नदी में बना पुल मूसलाधार हुई बारिश में टूटकर बह गया। इससे यूपी और बिहार का आवागमन ठप हो गया। चरगड़ा गांव के प्रधान यूसुफ अली ने जिला प्रशासन से अविलंब पुल के मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
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देवहार के बालेश्वर, मड़पा के तैय्यब अली, ग्राम प्रधान अमृत लाल यादव ने कहा कि नयनदह नदी पर बने पुल का निर्माण करीब पांच साल पूर्व हुआ था। कहा कि पिछले नौ जुलाई को पूर्व एसडीएम कैलाश सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभाग को तीन दिन के भीतर पुल निर्माण कराए जाने का निर्देश दिया था।
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विभाग की ओर से तीन दिन में पुल का निर्माण करा दिया गया। इसका नतीजा रहा कि अभी हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश को नहीं सहन कर पाया और पुन: पुल टूटकर बह गया। नगवां ब्लॉक क्षेत्र के प्रधानों ने कहा कि शीघ्र पुल का निर्माण नहीं कराया जाता तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा।