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रिहंद मेंे पानी की वृद्धि थमी
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:31 PM IST
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रिहंद डैम के जलस्तर में वृद्धि थमने के बाद अब एक ही गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
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बारिश थमने के साथ रिहंद जलाशय में पानी आने की रफ्तार कम होती जा रही है। बुधवार को शाम चार बजे तक रिहंद के चार और गेट बंद कर दिए गए। अब सिर्फ एक गेट से लगभग आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर अभी भी अधिकतम 870 फीट को बनाए रखा गया है। एक-दो दिन बारिश नहीं हुई तो इस गेट को भी बंद कर दिया जाएगा।
बाणसागर बांध से 42162 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद भी रिहंद से छोड़े जा रहे पानी में आई कमी ने सोन, रेणु, बिजुल, पांगन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बड़ी राहत दी है। इसके चलते सोन का भी जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। पांच दिन पूर्व लगातार बारिश के चलते जहां सोन में उफान आ गया था, वहीं रिहंद में भी तेजी से पानी बढ़ने के कारण नौ गेट खोलने पड़े थे।
मंगलवार को पानी का बढ़ाव कम हुआ तो चार गेट बंद कर दिए गए। बुधवार को पानी आना और कम हुआ तो शाम चार बजे तक चार और गेट बंद कर दिए गए। अधीक्षण अभियंता जल विद्युत शैलेश सिंह और अधिशासी अभियंता आरएनएस यादव ने बताया कि स्थिति पर नजर बनी हुई है। पानी आना काफी कम हो गया है, लेकिन फिर से बारिश शुरू होने पर दिक्कत न होने पाए, इसके लिए अभी एक-दो दिन और गेट खुला रख सकते हैं।
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बाणसागर बांध से 42162 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद भी रिहंद से छोड़े जा रहे पानी में आई कमी ने सोन, रेणु, बिजुल, पांगन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बड़ी राहत दी है। इसके चलते सोन का भी जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। पांच दिन पूर्व लगातार बारिश के चलते जहां सोन में उफान आ गया था, वहीं रिहंद में भी तेजी से पानी बढ़ने के कारण नौ गेट खोलने पड़े थे।
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मंगलवार को पानी का बढ़ाव कम हुआ तो चार गेट बंद कर दिए गए। बुधवार को पानी आना और कम हुआ तो शाम चार बजे तक चार और गेट बंद कर दिए गए। अधीक्षण अभियंता जल विद्युत शैलेश सिंह और अधिशासी अभियंता आरएनएस यादव ने बताया कि स्थिति पर नजर बनी हुई है। पानी आना काफी कम हो गया है, लेकिन फिर से बारिश शुरू होने पर दिक्कत न होने पाए, इसके लिए अभी एक-दो दिन और गेट खुला रख सकते हैं।
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