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रिहंद डैम के जलस्तर में तीन फीट की बढ़ोतरी
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Sun, 14 Aug 2016 10:38 PM IST
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मध्यप्रदेश के शहडोल में बना बाणसागर डैम
- फोटो : sonbhadra
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एशिया के विशालतम जलाशयों में एक रिहंद डैम के जलस्तर में तीन फीट की और बढ़ोतरी हुई है। रविवार को जलस्तर 862 फीट तक पहुंच गया। शनिवार की शाम यह जलस्तर 859 फीट था। जलस्तर 870 फीट पार करते ही बांध का फाटक खोल दिया जाएगा। बारिश थमने के बाद जलस्तर में बढ़ाव भी धीमा हुआ है लेकिन रह-रहकर बूंदा-बांदी जारी रहने से अफसर डैम पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यालय से भी हर घंटे डैम के स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
रिहंद डैम का अधिकतम जलस्तर 880 फीट निर्धारित है लेकिन गाद भराव के चलते फिलहाल अधिकतम जलस्तर का मानक 870 फीट कर दिया गया है। यहीं कारण था कि 2011 में जैसे ही जलस्तर 870 फीट पार हुआ, बांध का फाटक खोल दिया गया। अच्छी बारिश के चलते कुछ ऐसा दिख रहा है। उधर ओबरा डैम में पानी के भराव को अधिकतम निशान से नीचे रखने के लिए लगातार दो पनबिजली इकाइयों का संचालन किया जा रहा है, जिससे साठ मेगावाट बिजली भी पैदा हो रही है। बता दें कि डैम का फाटक खुलने के बाद सीधा असर सोन नदी के जलस्तर पर पड़ता है, इसका पानी ओबरा डैम से होते हुए रेणुका नदी के जरिए गोठानी के पास सीधे सोन नदी में पहुंचता है।
उधर, अधीक्षण अभियंता शैलेश सिंह ने बताया कि अभी कम से कम आठ फीट पानी की जरूरत है, इसके बाद ही फाटक खोलने की स्थिति आएगी।
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रिहंद डैम का अधिकतम जलस्तर 880 फीट निर्धारित है लेकिन गाद भराव के चलते फिलहाल अधिकतम जलस्तर का मानक 870 फीट कर दिया गया है। यहीं कारण था कि 2011 में जैसे ही जलस्तर 870 फीट पार हुआ, बांध का फाटक खोल दिया गया। अच्छी बारिश के चलते कुछ ऐसा दिख रहा है। उधर ओबरा डैम में पानी के भराव को अधिकतम निशान से नीचे रखने के लिए लगातार दो पनबिजली इकाइयों का संचालन किया जा रहा है, जिससे साठ मेगावाट बिजली भी पैदा हो रही है। बता दें कि डैम का फाटक खुलने के बाद सीधा असर सोन नदी के जलस्तर पर पड़ता है, इसका पानी ओबरा डैम से होते हुए रेणुका नदी के जरिए गोठानी के पास सीधे सोन नदी में पहुंचता है।
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उधर, अधीक्षण अभियंता शैलेश सिंह ने बताया कि अभी कम से कम आठ फीट पानी की जरूरत है, इसके बाद ही फाटक खोलने की स्थिति आएगी।