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Sonebhadra News: रनटोला व खाड़पाथर के जंगलों में लखनऊ विवि के शोध छात्रों ने किया भूवैज्ञानिक अध्ययन
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लखनऊ विश्वविद्यालय के जियोलॉजी विभाग के शोध छात्रों के एक दल ने सोमवार को म्योरपुर क्षेत्र के रनटोला और खाड़पाथर के जंगलों में भूवैज्ञानिक अध्ययन किया। इस दौरान शोधार्थियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले पत्थरों का अवलोकन कर उनकी प्राचीनता से जुड़ी जानकारियां जुटाईं और परीक्षण के लिए नमूने एकत्र किए।
शोध दल ने रनटोला से होकर बहने वाले नाले के आसपास स्थित चट्टानों का विशेष रूप से अध्ययन किया। छात्रों ने बताया कि सोनभद्र जनपद भूवैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां विभिन्न कालखंडों की चट्टानें पाई जाती हैं। इसी क्रम में उनका दल बीजपुर क्षेत्र में भी अध्ययन कर चुका है और वर्तमान में म्योरपुर क्षेत्र में शोध कार्य चल रहा है।
दल में लखनऊ विश्वविद्यालय की शोध छात्रा राणा फिरदौस, बागेशनाथ यादव और एमएससी की छात्राएं गरिमा मिश्रा, रितिका गौतम और योगिता शुक्ला शामिल रहीं। शोध छात्रों ने पत्थरों के नमूने एकत्र करने के साथ उनके गठन और आयु से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की। जंगलों में अचानक पहुंचे शोध छात्रों को देखकर ग्रामीणों में भी कौतूहल बना रहा। ग्रामीणों ने उत्सुकता के साथ उनके कार्य को निहारा। अध्ययन के बाद शोध छात्रों का दल आवश्यक नमूनों के साथ वापस लौट गया।
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शोध दल ने रनटोला से होकर बहने वाले नाले के आसपास स्थित चट्टानों का विशेष रूप से अध्ययन किया। छात्रों ने बताया कि सोनभद्र जनपद भूवैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां विभिन्न कालखंडों की चट्टानें पाई जाती हैं। इसी क्रम में उनका दल बीजपुर क्षेत्र में भी अध्ययन कर चुका है और वर्तमान में म्योरपुर क्षेत्र में शोध कार्य चल रहा है।
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दल में लखनऊ विश्वविद्यालय की शोध छात्रा राणा फिरदौस, बागेशनाथ यादव और एमएससी की छात्राएं गरिमा मिश्रा, रितिका गौतम और योगिता शुक्ला शामिल रहीं। शोध छात्रों ने पत्थरों के नमूने एकत्र करने के साथ उनके गठन और आयु से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की। जंगलों में अचानक पहुंचे शोध छात्रों को देखकर ग्रामीणों में भी कौतूहल बना रहा। ग्रामीणों ने उत्सुकता के साथ उनके कार्य को निहारा। अध्ययन के बाद शोध छात्रों का दल आवश्यक नमूनों के साथ वापस लौट गया।
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