{"_id":"6251d0ab007101354c2b2cc9","slug":"report-of-village-secretariats-summoned-facilities-will-be-accessible-sonbhadra-news-vns6475072137","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम सचिवालयों की रिपोर्ट तलब, सुविधाएं होंगी सुलभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम सचिवालयों की रिपोर्ट तलब, सुविधाएं होंगी सुलभ
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले के करीब 594 ग्राम पंचायतों में करोड़ों की लागत से ग्राम सचिवालय बनकर तैयार हैं। बावजूद इनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने डीपीआरओ से इसकी रिपोर्ट तलब की है। जहां भी संचालन शुरू नहीं हुआ है, उसे शीघ्र चालू कराने का भी निर्देश दिया है।
सरकार की मंशा है कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय भवन का निर्माण कराकर ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे खसरा, खतौनी, राशन कार्ड में संसोधन आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। ग्राम सचिवालयों में ग्राम प्रधानों, सेक्रेट्री, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत अन्य ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को बैठ कर जनता की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ग्रामीणों को कर्मियों और ग्राम प्रधान से मिलने के लिए उनके घरों का चक्कर न लगाना पड़ें। पंचायत भवनों में आलमारियों में सरकारी कागजातों को सुरक्षित रखने को भी कहा गया है। ग्राम सचिवालय के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। कुल 629 ग्राम पंचायतों में से 594 में निर्माण लगभग पूरा भी हो चुका है। बावजूद इनमें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इस नाते ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस बनी है। उन्हें काम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों या दूर-दराज स्थित सहज जन सेवा केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायतों में बने ग्राम सचिवालयों में प्रतिदिन ग्राम प्रधान, सचिव समेत अन्य कर्मियों को बैठ कर जनता की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया गया है। ग्राम सचिवालयों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जहां भी संचालन नहीं हो रहा है, उसे शीघ्र शुरू कराया जाएगा। - डॉ. अमित पाल शर्मा, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार की मंशा है कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय भवन का निर्माण कराकर ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे खसरा, खतौनी, राशन कार्ड में संसोधन आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। ग्राम सचिवालयों में ग्राम प्रधानों, सेक्रेट्री, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत अन्य ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को बैठ कर जनता की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ग्रामीणों को कर्मियों और ग्राम प्रधान से मिलने के लिए उनके घरों का चक्कर न लगाना पड़ें। पंचायत भवनों में आलमारियों में सरकारी कागजातों को सुरक्षित रखने को भी कहा गया है। ग्राम सचिवालय के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। कुल 629 ग्राम पंचायतों में से 594 में निर्माण लगभग पूरा भी हो चुका है। बावजूद इनमें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इस नाते ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस बनी है। उन्हें काम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों या दूर-दराज स्थित सहज जन सेवा केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों में बने ग्राम सचिवालयों में प्रतिदिन ग्राम प्रधान, सचिव समेत अन्य कर्मियों को बैठ कर जनता की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया गया है। ग्राम सचिवालयों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जहां भी संचालन नहीं हो रहा है, उसे शीघ्र शुरू कराया जाएगा। - डॉ. अमित पाल शर्मा, सीडीओ
विज्ञापन