रेणुका नदी प्रदूषण मुक्त की जाए
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यहां के कल कारखानों में प्रतिदिन हजारों टन कोयला जलाए जाने से धूल के कण भी निर्धारित सीमा पार कर गए हैं। जिले में भारी मात्रा में कोयला जलने से सालाना वातावरण में क्रोमियम, निकल, टनलेड, फ्लोराइड, पारा की मात्रा सीमा से अधिक फैल चुकी है। कारखानों के चिमनियों से भी पांच से दस किमी के क्षेत्र में प्रदूषण ज्यादा फैला है। भयंकर प्रदूषण की वजह से फलदार वृक्षों पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
कारखानों से निकलने वाली राख एवं खतरनाक रासायनिक तत्व नदियों में गिरकर प्रदूषण। वक्ताओं ने इसे रोकने की मांग की। इसलिए पर्यावरण को बचाने का प्रयास नहीं किया गया तो पूरा जिला विनाश के कगार पर खड़ा हो जाएगा। वक्ताओं ने सुझाव देते हुए कहा कि पानी के श्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखा जाए। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष दुर्गावती देवी, शुभा प्रेम, रामेश्वर, देवनारायण खरवार, उमेश चौबे, गोपाल, शिवनारायण, शंभू सिंह, सविता, जगत नारायण विश्वकर्मा, नंदलाल पांडेय, रामेश्वर प्रसाद, केवला दूबे मौजूद रहे।