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Sonebhadra News: बारिश में बह गया रपटा, तय करनी पड़ रही 30 किमी की अतिरिक्त दूरी
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दुद्धी तहसील मुख्यालय क्षेत्र के अमवार गांव में कनहर नदी पर बना रपटा बह जाने से कई गांवों के लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। लोगों को 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के बैरखड़, कुदरी, हरपुरा, बरखोहरा, धोरपा और झारखंड के कई गांवों के लोग इस रपटे के सहारे आवागमन करते थे। रपटा बह जाने से अब इस मार्ग से बाइक से आवागमन भी दूभर हो गया है। पैदल भी लोग बड़ी मुश्किल से आ-जा रहे हैं।
भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि कनहर नदी पर बने बांध के नीचे लोगों के आवागमन के लिए रास्ता बना था, जो बाढ़ के कारण बह गया। कई बार तहसील दिवस और अन्य अधिकारियों से मिल कर अपनी व्यथा सुनाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई।
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कनहर सिंचाई परियोजना का काम भी सुस्त पड़े होने के कारण उनके अधिकारी इस मार्ग को लेकर संवेदनशील नहीं हैं। अमवार, बघाडू, सुंदरी, भीसुर, कोरची के लोगों को चारपहिया वाहन से विंढमगंज और झारखंड की ओर आने जाने में काफी कम दूरी तय करनी पड़ती थी लेकिन इस मार्ग के बह जाने के कारण आवागमन बाधित है।
इससे उन्हें 30 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सुंदरी के पूर्व प्रधान फणीश्वर जायसवाल, अमवार के ईश्वरी प्रसाद निराला, बघाडू के प्रधान अब्दुल्ला, कोरची के जीत सिंह खरवार, बैरखड़ के प्रधान उदय पाल, हरपुरा के मनोज गुप्ता, बरखोहरा के सूरजमन यादव ने इस मार्ग को बनवाने को लेकर भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि से मिलकर अपनी समस्या बताई।
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क्षेत्र के बैरखड़, कुदरी, हरपुरा, बरखोहरा, धोरपा और झारखंड के कई गांवों के लोग इस रपटे के सहारे आवागमन करते थे। रपटा बह जाने से अब इस मार्ग से बाइक से आवागमन भी दूभर हो गया है। पैदल भी लोग बड़ी मुश्किल से आ-जा रहे हैं।
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भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि कनहर नदी पर बने बांध के नीचे लोगों के आवागमन के लिए रास्ता बना था, जो बाढ़ के कारण बह गया। कई बार तहसील दिवस और अन्य अधिकारियों से मिल कर अपनी व्यथा सुनाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई।
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कनहर सिंचाई परियोजना का काम भी सुस्त पड़े होने के कारण उनके अधिकारी इस मार्ग को लेकर संवेदनशील नहीं हैं। अमवार, बघाडू, सुंदरी, भीसुर, कोरची के लोगों को चारपहिया वाहन से विंढमगंज और झारखंड की ओर आने जाने में काफी कम दूरी तय करनी पड़ती थी लेकिन इस मार्ग के बह जाने के कारण आवागमन बाधित है।
इससे उन्हें 30 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सुंदरी के पूर्व प्रधान फणीश्वर जायसवाल, अमवार के ईश्वरी प्रसाद निराला, बघाडू के प्रधान अब्दुल्ला, कोरची के जीत सिंह खरवार, बैरखड़ के प्रधान उदय पाल, हरपुरा के मनोज गुप्ता, बरखोहरा के सूरजमन यादव ने इस मार्ग को बनवाने को लेकर भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि से मिलकर अपनी समस्या बताई।