फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Ramesh dead body will be reach in sonbhadra after death on 13 may in dubai

एक महीने बाद पहुंचेगा रमेश का शव: 13 मई को दुबई में हुई मौत, कंपनी का नहीं मिला सहयोग तो विदेश मंत्रालय से मिली मदद

Tue, 15 Jun 2021 06:41 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 15 Jun 2021 06:41 PM IST
सार

सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के गोठानी गांव के रहने वाले दुबई की एक कंपनी में काम करते थे। वहां उनकी 13 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जब कपनी ने शव को यहां भेजने में सहयोग नहीं किया तो परिजनों ने प्रशासन, शासन से लेकर विदेश मंत्रालय तक से गुहार लगाई थी।

विज्ञापन
Ramesh dead body will be reach in sonbhadra after death on 13 may in dubai
रमेश (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिला निवासी रमेश सिंह(45) पुत्र कृष्णबली सिंह की 13 मई को दुबई में मौत हो गई थी। मौत के बाद परिवार के लोगों ने विदेश मंत्री से तक उसका शव लाने की गुहार लगाई थी। अब उनके प्रयास को बल मिला है। मंगलवार की शाम तक उनका शव गांव पहुंच जाएगा। सुबह आठ बजे ही रमेश का शव दुबई से लखनऊ पहुंचा था। जहां परिवार के सदस्य शव लेने के लिए गए हुए थे, अब वह शव के साथ गांव रवाना हो गए हैं। रमेश सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के गोठानी गांव के रहने वाले थे।

विज्ञापन


शव पहुंचने की जानकारी रमेश के परिवार वालों को लखनऊ एयरपोर्ट और भारतीय दूतावास से टेलीफोन के जरिए दी गई थी। परिवार के साथ खड़े अधिवक्ता एवं पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट से अवगत कराते रहने को गया गया था।
विज्ञापन


दरअसल, 13 मई को गोठानी के गायघाट निवासी कृष्णबली सिंह के पुत्र रमेश सिंह की दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शव को भारत लाने के लिए परिवार के लोगों ने प्रयास शुरू किया, लेकिन कंपनी जो रमेश को दुबई ले गई थी उसने सहयोग करने में आनाकानी की। इसके बाद विदेश मंत्रालय से मामले में संपर्क किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद विदेश मंत्री को ट्विटर के माध्यम से अवगत कराया गया गया। पूर्व प्रधान धर्मेंद्र बताते हैं कि मंत्रालय के काउंसलर सर्विस मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा मई के अंतिम सप्ताह में दुबई कार्यालय से संपर्क किया गया। मामले से प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत कराने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी भारतीय दूतावास से सहयोग की अपील की। लगभग 31 दिनों के बाद जब भारतीय दूतावास द्वारा शव को भारत भेजने की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई तब परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed