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राजा आभूषण ब्रह्मशाह के एकलौते कुंवर अभ्युदय का निधन
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राजपुर बड़हर रियासत के कुंवर अभ्युदय ब्रह्मशाह (फाइल फोटो )
- फोटो : SONBHADRA
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शाहगंज। रियासत बड़हर के राजा आभूषण ब्रम्हशाह के एकलौते कुंवर अभ्युदय ब्रम्ह (30) की मौत की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि मंगलवार को दोपहर में कुंवर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर लोग उपचार के लिए वाराणसी ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मिलनसार कुंवर के मौत की खबर की भनक लगते ही राजपुर बड़हर रियासत में जो जिस हाल में था दौड़ पड़ा। इस घटना से क्षेत्र में सभी लोग शोकाकुल एवं स्तब्ध हैं। बड़हर कुंवर की शादी अभी पिछले वर्ष ही राजस्थान के एक राज परिवार में हुई थी। अचानक इस घटना से शाहगंज, घोरावल सहित पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया। राजा आभूषण ब्रम्ह शाह भी काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं।
कुंवर की छह माह पहले दिसंबर में हुई थी शादी
पूर्व बड़हर अगोरी रियासत के राजा आभूषण ब्रह्म शाह के इकलौते पुत्र कुंवर अभ्युदय ब्रह्मशाह की छह माह पूर्व दिसंबर में ही शादी हुई थी। उनके अचानक निधन से राज परिवार से जुड़े लोगों में शोक की लहर है।
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कुंवर के रिश्तेदार राजपुर गांव से सटे जमगांव के प्रधान मार्तंड प्रताप सिंह का कहना है कि कुंवर का इतनी कम उम्र में जाना राजपरिवार के लिए बड़ी क्षति है। कुंवर बहुत सरल व मिलनसार स्वभाव के थे। पिता राजा आभूषण ब्रह्म शाह की देखरेख में वही रियासत का पूरा काम संभाल रहे थे। बड़हर अगोरी रियासत के तहत राजगढ़, मधुपुर, रेणुकूट, बीजपुर तक के क्षेत्र शामिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राजा तेजबली शाह 1918 में राजपुर रियासत के राजा बने। बड़हर अगोरी भी उनकी रियासत का हिस्सा रहा है। उनके पुत्र राजा शारदा महेश प्रसाद ब्रिटिश शासनकाल में मिर्जापुर जिले में शामिल रहे राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से 1935 के चुनाव में पहले विधायक बने। उनके बाद उनके पुत्र राजा आनंद ब्रह्मशाह राजगढ़ से ही दो बार विधायक चुने गए।
उनके बाद राजा आभूषण ब्रह्मशाह ने रियासत की कमान संभाली। इनके इकलौते पुत्र कुंवर अभ्युदय की शादी छह माह पूर्व दिसंबर में हुई थी। उन्होंने बताया कि रियासत का पूरा कामकाज कुंवर ही संभाल रहे थे। उनके निधन से राजपरिवार को गंभीर क्षति हुई है। मार्तंड प्रताप ने बताया कि कुंवर के पिता उनके चचेरे भाई हैं। इस हिसाब से कुंवर उनके भतीजे थे। कुंवर से उनका घनिष्ठ संबंध था। उनके निधन से उन्हें काफी दुख पहुंचा है।
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मिलनसार कुंवर के मौत की खबर की भनक लगते ही राजपुर बड़हर रियासत में जो जिस हाल में था दौड़ पड़ा। इस घटना से क्षेत्र में सभी लोग शोकाकुल एवं स्तब्ध हैं। बड़हर कुंवर की शादी अभी पिछले वर्ष ही राजस्थान के एक राज परिवार में हुई थी। अचानक इस घटना से शाहगंज, घोरावल सहित पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया। राजा आभूषण ब्रम्ह शाह भी काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं।
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कुंवर की छह माह पहले दिसंबर में हुई थी शादी
पूर्व बड़हर अगोरी रियासत के राजा आभूषण ब्रह्म शाह के इकलौते पुत्र कुंवर अभ्युदय ब्रह्मशाह की छह माह पूर्व दिसंबर में ही शादी हुई थी। उनके अचानक निधन से राज परिवार से जुड़े लोगों में शोक की लहर है।
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कुंवर के रिश्तेदार राजपुर गांव से सटे जमगांव के प्रधान मार्तंड प्रताप सिंह का कहना है कि कुंवर का इतनी कम उम्र में जाना राजपरिवार के लिए बड़ी क्षति है। कुंवर बहुत सरल व मिलनसार स्वभाव के थे। पिता राजा आभूषण ब्रह्म शाह की देखरेख में वही रियासत का पूरा काम संभाल रहे थे। बड़हर अगोरी रियासत के तहत राजगढ़, मधुपुर, रेणुकूट, बीजपुर तक के क्षेत्र शामिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राजा तेजबली शाह 1918 में राजपुर रियासत के राजा बने। बड़हर अगोरी भी उनकी रियासत का हिस्सा रहा है। उनके पुत्र राजा शारदा महेश प्रसाद ब्रिटिश शासनकाल में मिर्जापुर जिले में शामिल रहे राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से 1935 के चुनाव में पहले विधायक बने। उनके बाद उनके पुत्र राजा आनंद ब्रह्मशाह राजगढ़ से ही दो बार विधायक चुने गए।
उनके बाद राजा आभूषण ब्रह्मशाह ने रियासत की कमान संभाली। इनके इकलौते पुत्र कुंवर अभ्युदय की शादी छह माह पूर्व दिसंबर में हुई थी। उन्होंने बताया कि रियासत का पूरा कामकाज कुंवर ही संभाल रहे थे। उनके निधन से राजपरिवार को गंभीर क्षति हुई है। मार्तंड प्रताप ने बताया कि कुंवर के पिता उनके चचेरे भाई हैं। इस हिसाब से कुंवर उनके भतीजे थे। कुंवर से उनका घनिष्ठ संबंध था। उनके निधन से उन्हें काफी दुख पहुंचा है।