सोनभद्र में स्थापित होगी पूर्वांचल की पहली बीयर फैक्ट्री, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जिला आबकारी अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बीयर फैक्ट्री के लिए आबकारी विभाग ने हाल ही में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की नीति को अपनाते हुए अति पिछड़े जिले सोनभद्र के साथ ही प्रदेश के संभल, बाराबंकी में नई यवासवनियो (ब्रेबरी) के लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं।
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पूर्वांचल की पहली बीयर (ब्रेबरी) फैक्ट्री सोनभद्र के सुकृत क्षेत्र के लोहरा गांव में स्थापित होगी। आबकारी विभाग की तरफ से लाइसेंस जारी होने के साथ ही प्राइवेट कंपनी की तरफ से काम शुरू कर दिया गया है। गांव में जमीन की तलाश पहले ही की जा चुकी है। यहां प्रति वर्ष चार लाख लीटर से अधिक बीयर का उत्पादन होगा।
इसकी स्थापना से जिले में जौ की मांग बढ़ेगी, जिसका लाभ सीधे किसानों को होगा। जिला आबकारी अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आबकारी विभाग ने हाल ही में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की नीति को अपनाते हुए अति पिछड़े जिले सोनभद्र के साथ ही प्रदेश के संभल, बाराबंकी में नई यवासवनियो (ब्रेबरी) के लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं।
सोनभद्र में यह इकाई सुकृत क्षेत्र के लोहरा गांव में स्थापित की जाएगी। इकाई की स्थापना के लिए बनारस की एक निजी कंपनी को लाइसेंस जारी हुआ है। बताया कि प्राइवेट कंपनी (मेसर्स वालोप क्रुइंग) की तरफ से गांव में भूमि का चयन कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
लोहरा में स्थापित होने जा रही ब्रेबरी से हर साल 48 हजार हेक्टोलीटर ( करीब चार लाख लीटर से अधिक) बीयर का उत्पादन होगा। यह पूर्वांचल की पहली इकाई होगी, जहां बीयर बनेगी। इसके स्थापना से बेरोजगारों को काम मिलेगा, साथ ही बीयर के उत्पादन में प्रयोग होने वाले अन्य पैकेजिंग मैटेरियल तैयार करने वाली औद्योगिक इकाइयों को भी लाभ होगा। साथ ही आबकारी राजस्व बढ़ेगा।
सुकृत क्षेत्र के लोहरा गांव में बीयर (ब्रेबरी) की इकाई स्थापित की जानी है। इसके लिए विभाग की तरफ से लाइसेंस जारी कर दिया गया है। इस इकाई की क्षमता 48 हजार हेक्टोलीटर प्रति वर्ष बीयर उत्पादन की होगी। इससे आबकारी विभाग को हर साल करीब 40 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होगा। - शैलेंद्र सिंह, जिला आबकारी अधिकारी-सोनभद्र।