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दायरे में बंधे कार्यक्रम, मेहमानों पर भी पाबंदी
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सोनभद्र। कोरोना के बढ़ते असर ने शादियों पर फिर से असर दिखाना शुरू कर दिया है। मांगलिक कार्यक्रम दायरे में सिमटते जा रहे हैं। मेहमानों पर भी पाबंदी लगाई जा रही है। तामझाम करने के बजाय सादगी से शादी निपटाई जा रही है। शादी-तिलक जैसे कार्यक्रमों में कम मेहमान बुलाए जा रहे हैं, ताकि कोरोना के नियमों का उल्लंघन न हो सके। लगातार तीसरे साल धंधे पर पड़ी इस मार से होटल, लॉन संचालकों में मायूसी छाई हुई है।
पहले जहां सगाई भी सैकड़ों मेहमानों के साथ होती थी, वहीं कोरोना की मार ने शादी विवाह जैसे आयोजनों को सिमटा कर रख दिया है। अबकी बार भी कार्यक्रमों में कम मेहमानों को बुलाया जा रहा है। पिछले कई बार से कोरोना के कहर को देखने के बाद इस बार लोग और जागरूक हुए हैं। होटल व्यवसायियों की मानें तो ग्राहकों को अब कुछ भी समझाना नहीं पड़ रहा है। लोग आदमी की गिनती कर घर से ही कम भीड़ में कार्यक्रमों के आयोजन को बढ़ावा दे रहे हैं। होटलों में भी सगाई को देखते हुए ज्यादा बूकिंग तो नहीं है लेकिन, जो बूकिंग है उसमें भी लोगों ने 40-50 व्यक्तियों के आगमन की ही बुकिंग कराई है। जिले के अधिकतम होटलों में चुनाव के बाद अप्रैल में ही शादी-विवाह कार्यक्रमों के आयोजनों की बुकिंग कराई जा रही है। ऐसे में चुनाव को देखते हुए भी होटलों में बुकिंग कैंसिल होने का डर नहीं है।
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अभी अधिकतम सगाई के कार्यक्रमों के आयोजनों के लिए लोग होटलों को बूक कर रहे हैं। इसमें लोग खूद भी जागरूकता दिखा रहे हैं। कम संख्या में लोगों को बुला कर कार्यक्रमों को कराने के लिए खुद ही सुझाव दे रहे हैं। - दिलीप जायसवाल, होटल संचालक।
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लोगों की जागरूकता देेेख हमें भी आश्चर्य हो रहा है। पहले जहां लोग सगाई कार्यक्रमों में ही भीड़ के साथ पहुंचते थे, वहीं अब लोग कम संख्या में कार्यक्रमों में लोगों को बुला रहे हैं। यह ग्राहकों की ओर से एक अच्छी पहल है। - विजय कुमार जैन, होटल संचालक।
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पहले जहां सगाई भी सैकड़ों मेहमानों के साथ होती थी, वहीं कोरोना की मार ने शादी विवाह जैसे आयोजनों को सिमटा कर रख दिया है। अबकी बार भी कार्यक्रमों में कम मेहमानों को बुलाया जा रहा है। पिछले कई बार से कोरोना के कहर को देखने के बाद इस बार लोग और जागरूक हुए हैं। होटल व्यवसायियों की मानें तो ग्राहकों को अब कुछ भी समझाना नहीं पड़ रहा है। लोग आदमी की गिनती कर घर से ही कम भीड़ में कार्यक्रमों के आयोजन को बढ़ावा दे रहे हैं। होटलों में भी सगाई को देखते हुए ज्यादा बूकिंग तो नहीं है लेकिन, जो बूकिंग है उसमें भी लोगों ने 40-50 व्यक्तियों के आगमन की ही बुकिंग कराई है। जिले के अधिकतम होटलों में चुनाव के बाद अप्रैल में ही शादी-विवाह कार्यक्रमों के आयोजनों की बुकिंग कराई जा रही है। ऐसे में चुनाव को देखते हुए भी होटलों में बुकिंग कैंसिल होने का डर नहीं है।
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अभी अधिकतम सगाई के कार्यक्रमों के आयोजनों के लिए लोग होटलों को बूक कर रहे हैं। इसमें लोग खूद भी जागरूकता दिखा रहे हैं। कम संख्या में लोगों को बुला कर कार्यक्रमों को कराने के लिए खुद ही सुझाव दे रहे हैं। - दिलीप जायसवाल, होटल संचालक।
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लोगों की जागरूकता देेेख हमें भी आश्चर्य हो रहा है। पहले जहां लोग सगाई कार्यक्रमों में ही भीड़ के साथ पहुंचते थे, वहीं अब लोग कम संख्या में कार्यक्रमों में लोगों को बुला रहे हैं। यह ग्राहकों की ओर से एक अच्छी पहल है। - विजय कुमार जैन, होटल संचालक।