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Sonebhadra News: पहले चरण में 80 मेगावाट तक हुआ उत्पादन
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ओबरा। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की क्षमता में 660 मेगावाट की और वृद्धि हुई है। लंबे समय से निर्माणाधीन ओबरा-सी परियोजना की पहली इकाई से शुक्रवार की रात उत्पादन शुरू हो गया। इसे ग्रिड से जोड़कर आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में इसे कम लोड पर चलाते हुए 80 मेगावाट तक उत्पादन किया गया। शीघ्र ही इसका लोड बढ़ाया जाएगा।
प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी बिजली परियोजनाओं में शुमार 1320 मेगावाट की ओबरा सी परियोजना का निर्माण दूसान पावर इंडिया प्रा. लिमिटेड के माध्यम से चल रहा है। परियोजना की पहली इकाई से उत्पादन शुरू करने में अभियंता लगातार लगे हुए थे। पहले इसके लिए 30 जून की डेडलाइन तय की गई थी। फिर इसे जुलाई तक बढ़ाया गया, लेकिन तकनीकी दिक्कतों से सफलता नहीं मिल पाई थी। पिछले दिनों उत्पादन निगम के एमडी पी. गुरु प्रसाद ने ओबरा पहुंचकर सी परियोजना को चालू होने में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली थी। उसे दूर कराते हुए शीघ्र इकाई से उत्पादन शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से अभियंताओं की टीम युद्धस्तर पर कार्य में लग गई थी।
शुक्रवार की रात 8 बजकर 32 मिनट पर 660 मेगावाट की पहली इकाई से उत्पादन शुरू कर ग्रिड से जोड़ दिया गया। ओबरा ‘सी’ परियोजना के कार्मिकों के साथ मेसर्स दूसान पावर के अधिकारी इस स्वर्णिम पल के गवाह बने। शनिवार की शाम तक इस इकाई से 80 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. राधे मोहन ने बताया कि जल्द ही इसे पूरी क्षमता से चलाया जाएगा। इकाई के परिचालित हो जाने से प्रदेश को 660 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने लगेगी।
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नवंबर 2016 में शुरू हुआ था काम
प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्कालीन सपा सरकार में 22 दिसंबर 2016 को ओबरा-सी परियोजना की शुरुआत हुई थी। करीब 11 हजार करोड़ लागत वाली परियोजना का नवंबर-2020 में इकाई का ब्वायलर हाइड्रो टेस्ट, अप्रैल-2022 में ब्वायलर लाइटअप और अप्रैल-2023 में आयल सिंक्रोनाइजेशन कर लिया गया था। कोरोना महामारी के कारण विलंबित हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए उप्र शासन और निगम मुख्यालय स्तर से नियमित मॉनिटरिंग किया जा रहा था।
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प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी बिजली परियोजनाओं में शुमार 1320 मेगावाट की ओबरा सी परियोजना का निर्माण दूसान पावर इंडिया प्रा. लिमिटेड के माध्यम से चल रहा है। परियोजना की पहली इकाई से उत्पादन शुरू करने में अभियंता लगातार लगे हुए थे। पहले इसके लिए 30 जून की डेडलाइन तय की गई थी। फिर इसे जुलाई तक बढ़ाया गया, लेकिन तकनीकी दिक्कतों से सफलता नहीं मिल पाई थी। पिछले दिनों उत्पादन निगम के एमडी पी. गुरु प्रसाद ने ओबरा पहुंचकर सी परियोजना को चालू होने में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली थी। उसे दूर कराते हुए शीघ्र इकाई से उत्पादन शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से अभियंताओं की टीम युद्धस्तर पर कार्य में लग गई थी।
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शुक्रवार की रात 8 बजकर 32 मिनट पर 660 मेगावाट की पहली इकाई से उत्पादन शुरू कर ग्रिड से जोड़ दिया गया। ओबरा ‘सी’ परियोजना के कार्मिकों के साथ मेसर्स दूसान पावर के अधिकारी इस स्वर्णिम पल के गवाह बने। शनिवार की शाम तक इस इकाई से 80 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. राधे मोहन ने बताया कि जल्द ही इसे पूरी क्षमता से चलाया जाएगा। इकाई के परिचालित हो जाने से प्रदेश को 660 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने लगेगी।
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नवंबर 2016 में शुरू हुआ था काम
प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्कालीन सपा सरकार में 22 दिसंबर 2016 को ओबरा-सी परियोजना की शुरुआत हुई थी। करीब 11 हजार करोड़ लागत वाली परियोजना का नवंबर-2020 में इकाई का ब्वायलर हाइड्रो टेस्ट, अप्रैल-2022 में ब्वायलर लाइटअप और अप्रैल-2023 में आयल सिंक्रोनाइजेशन कर लिया गया था। कोरोना महामारी के कारण विलंबित हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए उप्र शासन और निगम मुख्यालय स्तर से नियमित मॉनिटरिंग किया जा रहा था।