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Sonebhadra News: अनपरा की सातवीं इकाई से उत्पादन ठप
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अनपरा। ब्वायलर ट्यूब लिकेज के कारण अनपरा परियोजना के 500 मेगावाट की सातवीं इकाई बुधवार की भोर मे बंद हो गई। इससे अनपरा परियोजना से 500 मेगावाट का उत्पादन कम हो गया। इस बीच सूबे मे बिजली की अधिकतम मांग 25 हजार के पार चली गई।
बुधवार की भोर में सातवीं इकाई के ब्वायलर ट्यूब में लिकेज हो गया। इस कारण इकाई को बंद करना पड़ा। परियोजना के अभियंताओं-कर्मचारियों ने काफी प्रयास कर लिकेज ढूंढ लिया, लेकिन ब्वायलर ट्यूब गर्म होने के कारण काम नहीं लगा। देर रात मरम्मत के लिए सभी लग गए। प्रबंधन के अनुसार शनिवार तक ठीक कर लिया जाएगा। उधर, बारिश के बाद धूप ने सूबे मे गर्मी और उमस बढ़ा दी है, जिससे बिजली की मांग में फिर इजाफा हुआ है। बुधवार की देर शाम तक सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 25144 मेगावाट और न्यूनतम मांग 15609 मेगावाट पर पहुंच गई। 2630 मेगावाट की अनपरा की इकाईयां देर शाम 1839 मेगावाट पर उत्पादनरत रहीं।निजी क्षेत्र की 1200 मेगावाट की लैंको परियोजना से 1088 मेगावाट पर उत्पादन होता रहा। पिकआवर मे अनपरा की 500 मेगावाट की छठवीं ईकाई से 501 मेगावाट का उत्पादन किया गया।
तकनीकी खराबी से आधा घंटा बंद रही 13वीं इकाई
ओबरा। ओबरा-बी तापीय परियोजना के 200 मेगावाट क्षमता वाली इकाई संख्या 13 में बुधवार की सुबह तकनीकी खराबी आ गई। जिससे इकाई बंद हो गई। हालांकि अभियंताओं की कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे के अंदर उसे फिर से चालू कर लिया गया।
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13वीं इकाई तकनीकी खराबी के कारण बुधवार की सुबह करीब 8.19 बजे बंद हो गयी। उत्पादनरत इकाई के बंद होने से परियोजना के उत्पादन में आई कमी के कारण उमस भरी गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में आपात कटौती करनी पड़ी। अभियंताओं के अथक प्रयास के बाद इकाई को करीब 8.50 बजे लाइटअप कर लिया गया। दोपहर बाद करीब दो बजे इकाई से बिजली उत्पादन भी शुरू कर लिया गया। देर शाम तक ओबरा तापीय परियजना की 9वीं इकाई से 101 मेगावाट, 11वीं इकाई से 127 मेगावाट, 12वीं इकाई से 106 मेगावाट और 13वीं इकाई से 107 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। बता दें कि ओबरा परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता वाली 10वीं इकाई अनुरक्षण कार्य की वजह से बंद चल रही है।
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बुधवार की भोर में सातवीं इकाई के ब्वायलर ट्यूब में लिकेज हो गया। इस कारण इकाई को बंद करना पड़ा। परियोजना के अभियंताओं-कर्मचारियों ने काफी प्रयास कर लिकेज ढूंढ लिया, लेकिन ब्वायलर ट्यूब गर्म होने के कारण काम नहीं लगा। देर रात मरम्मत के लिए सभी लग गए। प्रबंधन के अनुसार शनिवार तक ठीक कर लिया जाएगा। उधर, बारिश के बाद धूप ने सूबे मे गर्मी और उमस बढ़ा दी है, जिससे बिजली की मांग में फिर इजाफा हुआ है। बुधवार की देर शाम तक सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 25144 मेगावाट और न्यूनतम मांग 15609 मेगावाट पर पहुंच गई। 2630 मेगावाट की अनपरा की इकाईयां देर शाम 1839 मेगावाट पर उत्पादनरत रहीं।निजी क्षेत्र की 1200 मेगावाट की लैंको परियोजना से 1088 मेगावाट पर उत्पादन होता रहा। पिकआवर मे अनपरा की 500 मेगावाट की छठवीं ईकाई से 501 मेगावाट का उत्पादन किया गया।
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तकनीकी खराबी से आधा घंटा बंद रही 13वीं इकाई
ओबरा। ओबरा-बी तापीय परियोजना के 200 मेगावाट क्षमता वाली इकाई संख्या 13 में बुधवार की सुबह तकनीकी खराबी आ गई। जिससे इकाई बंद हो गई। हालांकि अभियंताओं की कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे के अंदर उसे फिर से चालू कर लिया गया।
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13वीं इकाई तकनीकी खराबी के कारण बुधवार की सुबह करीब 8.19 बजे बंद हो गयी। उत्पादनरत इकाई के बंद होने से परियोजना के उत्पादन में आई कमी के कारण उमस भरी गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में आपात कटौती करनी पड़ी। अभियंताओं के अथक प्रयास के बाद इकाई को करीब 8.50 बजे लाइटअप कर लिया गया। दोपहर बाद करीब दो बजे इकाई से बिजली उत्पादन भी शुरू कर लिया गया। देर शाम तक ओबरा तापीय परियजना की 9वीं इकाई से 101 मेगावाट, 11वीं इकाई से 127 मेगावाट, 12वीं इकाई से 106 मेगावाट और 13वीं इकाई से 107 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। बता दें कि ओबरा परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता वाली 10वीं इकाई अनुरक्षण कार्य की वजह से बंद चल रही है।