निजी कंपनियों का दखल नहीं करेंगे बर्दाश्त
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केंद्रीय उपाध्यक्ष इं. डीडी मौर्या, केंद्रीय महामंत्री इं. अनूप कुमार वर्मा ने कहा कि बी तापगृह के कोल हैडलिंग प्लांट के सीएचडी फाइव और सीएचडी सिक्स का अनुरक्षण एक निजी कंपनी को 17 करोड़ रुपये सालाना पर दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही से करोड़ों की सामग्री यहां वहां रखने से बर्बाद हो रही है।
इसकी जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला भी कोई नहीं है। अनपरा डी परियोजना के भी विभिन्न खंडों में निजी कंपनियों के दखल की कवायद हो रही है, जिसका विरोध होगा। केंद्रीय संगठन मंत्री अभिषेक बरनवाल, केंद्रीय प्रचार मंत्री इं. सुनील कुमार ने कहा कि प्रबंधन की अदूरदर्शिता का परिणाम है कि अनपरा डी की लागत 5400 करोड़ से बढ़कर आठ हजार करोड़ के करीब पहुंच गई।
इसका पूरा बोझ राज्य उत्पादन निगम पर पड़ रहा है। अध्यक्षता कर रहे इं. इल्ताफ अली ने कहा कि अनपरा डी के परिचालन और अनुरक्षण के पोस्ट सेक्शन से कर्मियों को हटाकर निजी कंपनियों को कार्य दिया उचित नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा। जीआई आयल इंसेटिव, डी परियोजना के लिए 40 लीटर पेट्रोल के बराबर वाहन भत्ता आदि की मांग उठाई।
इं. विवेक कुमार सिह, इं. धमेंद्र कुमार सिंह, इं. कुलदीप भारती, इं. पंकज त्रिपाठी , इं. अंकित कुमार, इं. सचिन कन्नौजिया, इं. अभय कुमार सिह, इं. अमरकांत तिवारी, इं. जयराम सिंह कुशवाहा आदि उपस्थित थे।