{"_id":"61ddc38700716e06b550efcc","slug":"pos-machines-will-be-installed-at-liquor-shops-sonbhadra-news-vns633037644","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की दुकानों पर लगेगी पीओएस मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब की दुकानों पर लगेगी पीओएस मशीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिलावटी शराब और ओवर रेटिंग पर अंकुश लगाने के लिए तमाम कवायद चल रही है। शासन की तरफ से जिले के सभी लाइसेंसी शराब दुकानों को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों से लैस किया जाएगा। मशीन पर बोतल को स्कैन करते ही शराब असली है या नकली इसकी जानकारी मिल जाएगी। मशीन सिर्फ विभाग की तरफ से सप्लाई की गई शराब की परख करेगी।
जानकारी के अनुसार जिले में देशी, अंग्रेजी, बीयर की कुल 248 दुकानें संचालित हैं। इसमें एक मॉडल शॉप भी है। लाइसेंसी दुकानों पर मिलावटी और ओवर रेट में शराब बिक्री का खेल किसी से छिपा नहीं है। पूर्व में कई बार मिलावटी शराब का कारोबार पकड़ा जा चुका है। मिलावटी शराब के खेल पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था के तहत लाइसेंसी दुकानों पर पीओएस मशीन लगाना सुनिश्चित किया है। शराब की बोतल पर बार कोड को पीओएस मशीन से स्कैन करते ही शराब का ब्रांड, गुणवत्ता, मात्रा और रेट समेत अन्य जानकारियां मशीन की स्क्रीन पर दिखने लगेंगी। मशीन से शराब लेने वाले ग्राहकों को बिल भी मिलेगा। यदि शराब मिलावटी हुई तो पीओएस मशीन से बिल नहीं निकलेगा। पीओएस मशीन लगने से ओवररेटिंग के साथ ही मिलावटी शराब की बिक्री पर रोक लगेगी। एक दिन में किस ब्रांड के शराब की कितनी बिक्री हुई, इसकी जानकारी भी अधिकारियों को होती रहेगी।
मिलावटी शराब व ओवररेटिंग पर अंकुश लगाने के लिए शराब की दुकानों में पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। शासन स्तर से इस संबंध में कवायद चल रही है। मशीनें लगने के बाद कोई भी मिलावटी या ओवररेट पर शराब नहीं बेच जाएगा। - शैलेंद्र सिंह, जिला आबकारी अधिकारी-सोनभद्र।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जिले में देशी, अंग्रेजी, बीयर की कुल 248 दुकानें संचालित हैं। इसमें एक मॉडल शॉप भी है। लाइसेंसी दुकानों पर मिलावटी और ओवर रेट में शराब बिक्री का खेल किसी से छिपा नहीं है। पूर्व में कई बार मिलावटी शराब का कारोबार पकड़ा जा चुका है। मिलावटी शराब के खेल पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था के तहत लाइसेंसी दुकानों पर पीओएस मशीन लगाना सुनिश्चित किया है। शराब की बोतल पर बार कोड को पीओएस मशीन से स्कैन करते ही शराब का ब्रांड, गुणवत्ता, मात्रा और रेट समेत अन्य जानकारियां मशीन की स्क्रीन पर दिखने लगेंगी। मशीन से शराब लेने वाले ग्राहकों को बिल भी मिलेगा। यदि शराब मिलावटी हुई तो पीओएस मशीन से बिल नहीं निकलेगा। पीओएस मशीन लगने से ओवररेटिंग के साथ ही मिलावटी शराब की बिक्री पर रोक लगेगी। एक दिन में किस ब्रांड के शराब की कितनी बिक्री हुई, इसकी जानकारी भी अधिकारियों को होती रहेगी।
विज्ञापन
मिलावटी शराब व ओवररेटिंग पर अंकुश लगाने के लिए शराब की दुकानों में पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। शासन स्तर से इस संबंध में कवायद चल रही है। मशीनें लगने के बाद कोई भी मिलावटी या ओवररेट पर शराब नहीं बेच जाएगा। - शैलेंद्र सिंह, जिला आबकारी अधिकारी-सोनभद्र।
विज्ञापन