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Sonebhadra News: तेज बुखार में भी गिर रहे प्लेटलेट्स
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सोनभद्र। जिले में डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण प्लेटलेट्स की मांग में इजाफा होने लगा है। तेज बुखार में भी लोगों के प्लेटलेट्स गिर रहे हैं। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में पिछले महीने की तुलना में इसकी मांग चार गुना तक बढ़ गई है।
जिले के लोगों को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने के लिए निजी ब्लड बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे। वर्षों के इंतजार के बाद जून में मेडिकल काॅलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के ब्लॅड बैंक में कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन शुरू किया गया। एक माह पहले तक प्लेटलेट्स की मांग काफी कम थी। मौसम में बदलाव और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे के कारण प्लेटलेट्स की मांग में इजाफा होने लगा है। अगस्त में दो यूनिट प्लेटलेट्स की मांग हुई थी, तो सितंबर में सिर्फ तीन यूनिट प्लेटलेट्स मरीजों को दिया गया। अक्तूबर के पिछले 17 दिनों में ही आठ यूनिट प्लेटलेट्स की खपत हो चुकी है। अभी 13 दिन शेष हैं। दिन प्रतिदिन यह आंकड़ा बढ़ने लगा है। इससे इतर लोग निजी ब्लॅड बैंक से भी प्लेटलेट्स ले रहे हैं। तेज बुखार के मरीजों में भले ही डेंगू के लक्षण न मिल रहे हों, मगर उनकी प्लेटलेट्स तेजी से कम हो जा रही है। बताते चलें कि जिला अस्पताल में पूर्व में प्लेटलेट्स का इंतजाम न होने के कारण मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। कुछ मामलों में प्लेटलेट्स के लिए लोगों को निजी अस्पताल में महंंगी कीमत देनी होती थी।
मरीजों को किसी तरह की समस्या न हो, इसे लेकर कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना की गई है। इससे अब मरीजों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। ब्लड से आरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा अलग किए जा रहे हैं। -डॉ. अशोक कुमार, ब्लड बैंक प्रभारी।
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जिले के लोगों को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने के लिए निजी ब्लड बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे। वर्षों के इंतजार के बाद जून में मेडिकल काॅलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के ब्लॅड बैंक में कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन शुरू किया गया। एक माह पहले तक प्लेटलेट्स की मांग काफी कम थी। मौसम में बदलाव और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे के कारण प्लेटलेट्स की मांग में इजाफा होने लगा है। अगस्त में दो यूनिट प्लेटलेट्स की मांग हुई थी, तो सितंबर में सिर्फ तीन यूनिट प्लेटलेट्स मरीजों को दिया गया। अक्तूबर के पिछले 17 दिनों में ही आठ यूनिट प्लेटलेट्स की खपत हो चुकी है। अभी 13 दिन शेष हैं। दिन प्रतिदिन यह आंकड़ा बढ़ने लगा है। इससे इतर लोग निजी ब्लॅड बैंक से भी प्लेटलेट्स ले रहे हैं। तेज बुखार के मरीजों में भले ही डेंगू के लक्षण न मिल रहे हों, मगर उनकी प्लेटलेट्स तेजी से कम हो जा रही है। बताते चलें कि जिला अस्पताल में पूर्व में प्लेटलेट्स का इंतजाम न होने के कारण मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। कुछ मामलों में प्लेटलेट्स के लिए लोगों को निजी अस्पताल में महंंगी कीमत देनी होती थी।
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मरीजों को किसी तरह की समस्या न हो, इसे लेकर कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना की गई है। इससे अब मरीजों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। ब्लड से आरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा अलग किए जा रहे हैं। -डॉ. अशोक कुमार, ब्लड बैंक प्रभारी।
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