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Sonebhadra News: शक्तिनगर में 1600 मेगावाट यूनिट का रास्ता साफ
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शक्तिनगर। एनटीपीसी लिमिटेड के मदर पावर प्लांट के तृतीय चरण के क्षमता विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। तृतीय चरण में आठ-आठ सौ मेगावाट क्षमता की दो यूनिटें स्थापित होंगी। कार्य पूरा करने में चार साल का वक्त लगेगा। इसके बाद थर्मल पावर प्लांट की दो हजार मेगावाट क्षमता बढ़कर 3600 मेगावाट हो जाएगी।
एनटीपीसी का आधार स्तंभ शक्तिनगर (सिंगरौली) है। दशकों बाद यहां के बिजली उत्पादन क्षमता विस्तार को हरी झंडी मिलने से लोगों में प्रसन्नता है। इस पावर प्लांट की बिजली का सबसे अधिक फायदा उत्तर प्रदेश को मिलेगा। मंगलवार को एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्रोजेक्ट के मुखिया राजीव अकोटकर ने अनौपचारिक बातचीत में तृतीय चरण क्षमता विस्तार से संबंधित जानकारी साझा किया। उन्होंने बताया कि नई यूनिटों को स्थापित करने का कार्य भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) करेगा। फरवरी अंत तक टेंडर से जुड़ी शेष सभी प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि क्षमता विस्तार के निमित्त जमीनी स्तर पर जरूरत के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नई बिजली इकाइयों के लिए कोयला एनसीएल देगा। इसे लेकर भी सभी औपचारिकता पूरी की जा रही है। उन्होंने पावर प्लांट से उत्सर्जित राख के शत-प्रतिशत उपयोग की रणनीति की जानकारी दी और बताया कि एनसीएल क्षेत्र में राख भराव के लिए गोरबी (मप्र) में बंद कोयला खदान का आवंटन हो चुका है। जल्द इसके लिए एनसीएल व एनटीपीसी के बीच समझौता ज्ञापन पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो जाएगा।
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एनटीपीसी का आधार स्तंभ शक्तिनगर (सिंगरौली) है। दशकों बाद यहां के बिजली उत्पादन क्षमता विस्तार को हरी झंडी मिलने से लोगों में प्रसन्नता है। इस पावर प्लांट की बिजली का सबसे अधिक फायदा उत्तर प्रदेश को मिलेगा। मंगलवार को एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्रोजेक्ट के मुखिया राजीव अकोटकर ने अनौपचारिक बातचीत में तृतीय चरण क्षमता विस्तार से संबंधित जानकारी साझा किया। उन्होंने बताया कि नई यूनिटों को स्थापित करने का कार्य भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) करेगा। फरवरी अंत तक टेंडर से जुड़ी शेष सभी प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि क्षमता विस्तार के निमित्त जमीनी स्तर पर जरूरत के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि नई बिजली इकाइयों के लिए कोयला एनसीएल देगा। इसे लेकर भी सभी औपचारिकता पूरी की जा रही है। उन्होंने पावर प्लांट से उत्सर्जित राख के शत-प्रतिशत उपयोग की रणनीति की जानकारी दी और बताया कि एनसीएल क्षेत्र में राख भराव के लिए गोरबी (मप्र) में बंद कोयला खदान का आवंटन हो चुका है। जल्द इसके लिए एनसीएल व एनटीपीसी के बीच समझौता ज्ञापन पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो जाएगा।

शामली आम बजट से सम्बधित परचर्चा फोटो व्यपारी नेता घनश्यामदास गर्ग

शामली आम बजट से सम्बधित परचर्चा फोटो व्यपारी नेता घनश्यामदास गर्ग

शामली आम बजट से सम्बधित परचर्चा फोटो व्यपारी नेता घनश्यामदास गर्ग
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