{"_id":"5756fe9e4f1c1b1b759c521f","slug":"ntpc-with-state-will-sell-the-remaining-power","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनटीपीसी राज्यों के साथ मिल बेचेगा बची बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनटीपीसी राज्यों के साथ मिल बेचेगा बची बिजली
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Tue, 07 Jun 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
एनटीपीसी विंध्याचल के प्रशासनिक भवन में जानकारी देते कार्यकारी निदेशक राजेश कुमार भटनागर व अन्य अधिकारी।
एनटीपीसी राज्यों को बिजली आपूर्ति के बाद बची बिजली को राज्य सरकारों के साथ मिलकर एनर्जी एक्सचेंज को बेचेगा। इससे मिलने वाले मुनाफे को एनटीपीसी और राज्य बराबर-बराबर बांटेंगे। देश के सबसे बड़े विद्युतगृह विंध्याचल सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट ने दो दिन पूर्व से इसकी शुरुआत कर दी है।
गोवा सरकार की सहमति मिलने के बाद महज दो दिन में उसके कोटे की 1.32 लाख यूनिट बिजली एनर्जी एक्सजेंस के जरिए दूसरे राज्यों को बेची गई, जिससे अच्छा मुनाफा भी मिला है। यह जानकारी विंध्याचल विद्युतगृह के कार्यकारी निदेशक राजेश कुमार भटनागर ने मंगलवार को परियोजना के प्रशासनिक भवन में पत्रकारों को दी।
राज्य सरकारें अपने हिस्से की पूरी बिजली नहीं ले पाती हैं। ऐसे में जहां एनटीपीसी को थर्मल बैकिंग (उत्पादन घटाना) पड़ता है। वहीं राज्य सरकारों को भी करार के मुताबिक फिक्स चार्ज की अदायगी करनी पड़ती है। भटनागर के मुताबिक गोवा से जो करार हुआ है, उसके मुताबिक फिक्स चार्ज डेढ़ रुपये के आस-पास बनता है,
विज्ञापन
लेकिन पहली बार एनटीपीसी विंध्याचल ने अतिरिक्त बिजली एनर्जी एक्सचेंज के जरिए खुले मार्केट में बेचने की पहल ने अच्छे मुनाफे के संकेत दिए हैं। पांच जून को गोवा के कोटे की 60 हजार मेगावाट बिजली 2.55 रुपये और छह जून को बिजली 2.31 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेची गई। इस पहल से मांग कम होने के बाद भी उत्पादन घटाने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
विज्ञापन
गोवा सरकार की सहमति मिलने के बाद महज दो दिन में उसके कोटे की 1.32 लाख यूनिट बिजली एनर्जी एक्सजेंस के जरिए दूसरे राज्यों को बेची गई, जिससे अच्छा मुनाफा भी मिला है। यह जानकारी विंध्याचल विद्युतगृह के कार्यकारी निदेशक राजेश कुमार भटनागर ने मंगलवार को परियोजना के प्रशासनिक भवन में पत्रकारों को दी।
विज्ञापन
राज्य सरकारें अपने हिस्से की पूरी बिजली नहीं ले पाती हैं। ऐसे में जहां एनटीपीसी को थर्मल बैकिंग (उत्पादन घटाना) पड़ता है। वहीं राज्य सरकारों को भी करार के मुताबिक फिक्स चार्ज की अदायगी करनी पड़ती है। भटनागर के मुताबिक गोवा से जो करार हुआ है, उसके मुताबिक फिक्स चार्ज डेढ़ रुपये के आस-पास बनता है,
विज्ञापन
लेकिन पहली बार एनटीपीसी विंध्याचल ने अतिरिक्त बिजली एनर्जी एक्सचेंज के जरिए खुले मार्केट में बेचने की पहल ने अच्छे मुनाफे के संकेत दिए हैं। पांच जून को गोवा के कोटे की 60 हजार मेगावाट बिजली 2.55 रुपये और छह जून को बिजली 2.31 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेची गई। इस पहल से मांग कम होने के बाद भी उत्पादन घटाने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।