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एनटीपीसी का ऐश डेम टूटा, मवेशी बहे, घरों में घुसा राख का मलबा
Sun, 06 Oct 2019 11:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sun, 06 Oct 2019 11:21 PM IST
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ताप विद्युत गृह एनटीपीसी विंध्याचल के शाहपुर में बने ऐश डैम टूटने से आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई।
- फोटो : अमर उजाला
देश के सबसे बड़े ताप विद्युत गृह एनटीपीसी विंध्यनगर के शाहपुर में बना ऐश डाइक डैम रविवार शाम पांच बजे पानी के दबाव के कारण टूट गया। इससे कई मवेशी बह गए। तीन लोग फंस गए। इनमें से एक बाद में निकल गया, लेकिन दो लोग देर रात तक फंसे थे। घरों में राख का मलबा घुस गया।
डैम से निकला राख मिश्रित पानी सूर्या नाला, गहिलगढ़, अमहवा टोला जुवाड़ी से बहते हुए रिहंद जलाशय की ओर जा रहा है। खतरे को देखते हुए सीआईएसएफ जवान बचाव कार्य में जुटे हैं। पिछले महीने एस्सार पावर प्रोजेक्ट का एश डैम टूट गया था। इससे काफी नुकसान हुआ था।
शाहपुर में बना बी-वन एश डैम सबसे पुराना है। इसमें कई दिनों से रिसाव हो रहा था। समय पर मरम्मत न होने के कारण रविवार शाम डैम टूट गया। इससे अफरातफरी मच गई। कुछ दूरी पर काम कर रहे तीन लोग तेज बहाव में फंस गए। हालांकि इनमें से एक युवक बाहर आने में सफल हो गया और दो लोग एक मेढ़ पर पहुंच गए।
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डैम से निकला राख मिश्रित पानी सूर्या नाला, गहिलगढ़, अमहवा टोला जुवाड़ी से बहते हुए रिहंद जलाशय की ओर जा रहा है। खतरे को देखते हुए सीआईएसएफ जवान बचाव कार्य में जुटे हैं। पिछले महीने एस्सार पावर प्रोजेक्ट का एश डैम टूट गया था। इससे काफी नुकसान हुआ था।
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शाहपुर में बना बी-वन एश डैम सबसे पुराना है। इसमें कई दिनों से रिसाव हो रहा था। समय पर मरम्मत न होने के कारण रविवार शाम डैम टूट गया। इससे अफरातफरी मच गई। कुछ दूरी पर काम कर रहे तीन लोग तेज बहाव में फंस गए। हालांकि इनमें से एक युवक बाहर आने में सफल हो गया और दो लोग एक मेढ़ पर पहुंच गए।
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टीआई मनीष त्रिपाठी और एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच कर सीआईएसएफ व पुलिस की मदद से राहत कार्य कराने में जुट गए। देर रात तक उन्हें निकाला नहीं जा सका था। पावर प्रबंधन की तरफ से पूरी घटना पर देर रात तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया। राख का ज्यादा हिस्सा रिहंद जलाशय में जाने से जल प्रदूषण की समस्या पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
क्या है एश डैम: कोयला आधारित ताप बिजली घर में रोजाना जलने वाले कोयले से पैदा हुए हजारों टन राख को एश डैम मेें पानी के साथ मिश्रित कर पाइप लाइन के जरिए भेजा जाता है।
एएसपी सिंगरौली प्रदीप शिंदे का कहना है कि एनटीपीसी विंध्याचल का पुराना बी-वन ऐश डैम टूटा है। किसी जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है। बस्तियों में पानी जाने की उम्मीद कम है। पुलिस और सीआईएसएफ जवान नजर रखे हुए हैं।
क्या है एश डैम: कोयला आधारित ताप बिजली घर में रोजाना जलने वाले कोयले से पैदा हुए हजारों टन राख को एश डैम मेें पानी के साथ मिश्रित कर पाइप लाइन के जरिए भेजा जाता है।
एएसपी सिंगरौली प्रदीप शिंदे का कहना है कि एनटीपीसी विंध्याचल का पुराना बी-वन ऐश डैम टूटा है। किसी जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है। बस्तियों में पानी जाने की उम्मीद कम है। पुलिस और सीआईएसएफ जवान नजर रखे हुए हैं।