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रिपोर्ट कार्ड में किसानों, युवाओं और आमजन के लिए कुछ नहीं
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ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने प्रदेश सरकार के सौ दिन के रिपोर्ट कार्ड को पूरी तरह छलावा करार दिया है। संगठन के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर ने कहा कि इसमें किसानों, युवाओं और आमजन के लिए कुछ भी नहीं है। किसानों को मुफ्त बिजली, युवाओं को रोजगार, सिंचाई, एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने जैसे प्रमुख चुनावी वादों पर रिपोर्ट कार्ड और भावी कार्यक्रम में एजेंडा नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दरों में अप्रत्याशित कमी का दावा भी सच्चाई से परे हैं। उत्तर प्रदेश में भी अन्य राज्यों और राष्ट्रीय स्तर जैसे ही बेकारी की भयावह स्थिति है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3 में हुए 80 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश समझौते की वाहवाही की जा रही है, लेकिन पिछले कार्यकाल में दो बार इंवेस्टर्स मीट में इससे भी कहीं ज्यादा निवेश के समझौतों का हश्र देखा जा चुका है। सोनभद्र जैसे आकांक्षी जनपद के लिए भी कार्यक्रम का अभाव रिपोर्ट कार्ड में दिखा। बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना में बजट के अभाव में काम ठप होने जैसे हालात के बावजूद मुख्यमंत्री ने किसी तरह की घोषणा नहीं की। स्वास्थ्य महकमे में सोनभद्र की हालात बेहद खराब है। यहां आठ सीएचसी में किसी पर भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर की भी भारी कमी है। अल्ट्रासाउंड, एक्स रे आदि सुविधाएं नगण्य हैं। बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में 40 फीसदी तक पद रिक्त पड़े हैं। सोनभद्र जैसे पिछड़े जनपदों में आजीविका का संकट बेहद गंभीर है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की दरों में अप्रत्याशित कमी का दावा भी सच्चाई से परे हैं। उत्तर प्रदेश में भी अन्य राज्यों और राष्ट्रीय स्तर जैसे ही बेकारी की भयावह स्थिति है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 3 में हुए 80 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश समझौते की वाहवाही की जा रही है, लेकिन पिछले कार्यकाल में दो बार इंवेस्टर्स मीट में इससे भी कहीं ज्यादा निवेश के समझौतों का हश्र देखा जा चुका है। सोनभद्र जैसे आकांक्षी जनपद के लिए भी कार्यक्रम का अभाव रिपोर्ट कार्ड में दिखा। बहुप्रतीक्षित कनहर सिंचाई परियोजना में बजट के अभाव में काम ठप होने जैसे हालात के बावजूद मुख्यमंत्री ने किसी तरह की घोषणा नहीं की। स्वास्थ्य महकमे में सोनभद्र की हालात बेहद खराब है। यहां आठ सीएचसी में किसी पर भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर की भी भारी कमी है। अल्ट्रासाउंड, एक्स रे आदि सुविधाएं नगण्य हैं। बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में 40 फीसदी तक पद रिक्त पड़े हैं। सोनभद्र जैसे पिछड़े जनपदों में आजीविका का संकट बेहद गंभीर है।
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