फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Notbandi stalemate speed of development

नोटबंदी से थमी विकास कार्यों की रफ्तार

Thu, 08 Dec 2016 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र Updated Thu, 08 Dec 2016 10:33 PM IST
विज्ञापन
Notbandi stalemate speed of development
राबर्ट्सगंज स्थित एक बैंक में गुरुवार को उपभोक्ताओं की लगी कतार।

विज्ञापन
पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों की बंदी को गुरुवार को पूरे एक माह हो गए। मांग के अनुसार नई करेंसी नहीं आने से लोगों की समस्या जस की तस है। इन नोटबंदी में विकास कार्य काफी हद तक प्रभावित हो गए हैं और उनकी रफ्तार थम सी गई है। अफसर भी मानने लगे हैं कि नोटबंदी से निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। जब तक नोटोँ की समस्या समाप्त नहीं होती, विकास कार्य की गति बढ़ पाना मुश्किल होगा।

केंद्र सरकार ने आठ नवंबर को पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट प्रचलन में बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद लोगों ने आनन-फानन में इन बड़ी नोटों को बैंकों में जमा करना शुरू कर दिया। इसी के साथ केंद्र सरकार ने बैंकों में जमा धनराशि की निकासी की सीमा तय कर दी। इससे लोगों का कामकाज प्रभावित होने लगा। जिले में अब तक पांच सौ रुपये की नई करेंसी न आने से फुटकर की समस्या पैदा हो गई, जिससे स्थिति अब गंभीर होने लगी है। इसी के साथ ही नोट बंदी से विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं। विभागों से इसकी पुष्टि भी हुई है। समाज कल्याण निर्माण निगम के अवर अभियंता एमपी सिंह ने बताया कि उनके यहां करीब 50 से अधिक निर्माण कार्य करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे हैं। इस समय रुपये की निकासी की सीमा होने के नाते सभी जगहों पर विकास कार्य की गति काफी धीमी हो गई है। जो कार्य अब तक पूर्ण हो जाने चाहिए थे, वे आधे भी नहीं बन सके हैं। इसी तरह यूपी सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत लोहिया आवासों का निर्माण प्रभावित है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) से 600 लोहिया आवास के निर्माण के लिए प्रति आवास एक लाख 37 हजार 500 रुपये की दर से आठ करोड़ 25 लाख रुपये लाभार्थियों के खाते में भेजा गया। लेकिन पूरा पैसा न निकल पाने के नाते लाभार्थी आवास का निर्माण नहीं करा पा रहे हैैं। ऐसे ही 28563 शौचालयों के लिए 34 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपये दिये जा चुके हैं। अन्य विभागों से भी जिले में अरबों रुपये का निर्माण कार्य हो रहा है, लेकिन नोटबंदी से वह काफी हद तक प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed