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खुले में शौच न जाने का लिया संकल्प
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 13 May 2016 10:03 PM IST
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राबर्ट्सगंज ब्लॉक के बरवन गांव में खुले में शौच न जाने का संकल्प लेती महिलाएं।
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खुले में शौच बंद करने को लेकर जागरूकता अभियान का असर दिखने लगा है। शुक्रवार को सदर ब्लॉक के बरवन गांव में महिलाओं को हाथ उठवाकर स्वच्छ भारत मिशन की कोआर्डिनेटर प्रियांशू ने खुले में शौच न जाने की शपथ दिलवाई। महिलाओं को सीटी भी बांटी गई ताकि वे निगरानी कर सकें।
खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से आई है। ग्रामीणों ने भी स्वच्छता भारत मिशन के इस अभियान में सहयोग देना शुरू कर दिया है। गांव-गांव में लोगों को सीटी बांटी जा रही है ताकि वे खुले में शौच जाने वालों को रोक सकें और इस पर पूरी तरह से निगरानी रखें। ग्राम पंचायत अमोखर, बरवन, खैराही, पनिकप खुर्द समेत तमाम गांवों में जनता भी अब खुले में शौच की कुप्रथा को समाप्त करने का मन बना चुकी है। शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन की जिला कोआर्डिनेटर प्रियांशू ने बरवन गांव का दौरा किया। यहां पंचायत भवन में उन्होंने महिलाओं को हाथ उठवाकर खुले में शौच न जाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता के लिए सुबह-शाम जिले से फालोअप के लिए टीम गांव में जा रही है तो वहां उस गांव के बच्चे से लेकर महिलाएं भी सुबह अपने गांव में खुले में जा रहे महिला व पुरुषों को गांव में गंदगी फैलाने से रोक रही हैं। इसका नतीजा है कि जो परिवार शौचालय बनाकर भी खुले में जा रहे थे, वह अब खुले में शौच जाने से तौबा कर रहे हैं और जिनके पास शौचालय नहीं है वह खुद ही मिस्त्री और अपने लग कर शौचालय बनवा रहे हैं।
अब महिलाएं सबसे ज्यादा खुले में शौच जाने से परहेज करने लगी हैं, क्योंकि उन्हें यह समझ में आने लगा है कि शौचालय में उनके मान सम्मान की रक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं से लेकर बच्चे तक इस अभियान में सहयोग दे रहे हैं, जो जागरूकता का संदेश है। इस मौके पर फूलकुमारी, पचुई, मंजू, सीता देवी, प्रभावती, मुन्नी, यासमीन, अशोका देवी मौजूद रहीं।
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खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से आई है। ग्रामीणों ने भी स्वच्छता भारत मिशन के इस अभियान में सहयोग देना शुरू कर दिया है। गांव-गांव में लोगों को सीटी बांटी जा रही है ताकि वे खुले में शौच जाने वालों को रोक सकें और इस पर पूरी तरह से निगरानी रखें। ग्राम पंचायत अमोखर, बरवन, खैराही, पनिकप खुर्द समेत तमाम गांवों में जनता भी अब खुले में शौच की कुप्रथा को समाप्त करने का मन बना चुकी है। शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन की जिला कोआर्डिनेटर प्रियांशू ने बरवन गांव का दौरा किया। यहां पंचायत भवन में उन्होंने महिलाओं को हाथ उठवाकर खुले में शौच न जाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता के लिए सुबह-शाम जिले से फालोअप के लिए टीम गांव में जा रही है तो वहां उस गांव के बच्चे से लेकर महिलाएं भी सुबह अपने गांव में खुले में जा रहे महिला व पुरुषों को गांव में गंदगी फैलाने से रोक रही हैं। इसका नतीजा है कि जो परिवार शौचालय बनाकर भी खुले में जा रहे थे, वह अब खुले में शौच जाने से तौबा कर रहे हैं और जिनके पास शौचालय नहीं है वह खुद ही मिस्त्री और अपने लग कर शौचालय बनवा रहे हैं।
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अब महिलाएं सबसे ज्यादा खुले में शौच जाने से परहेज करने लगी हैं, क्योंकि उन्हें यह समझ में आने लगा है कि शौचालय में उनके मान सम्मान की रक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं से लेकर बच्चे तक इस अभियान में सहयोग दे रहे हैं, जो जागरूकता का संदेश है। इस मौके पर फूलकुमारी, पचुई, मंजू, सीता देवी, प्रभावती, मुन्नी, यासमीन, अशोका देवी मौजूद रहीं।
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