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Sonebhadra News: विकास भवन में प्रकाश के इंतजाम नहीं
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सोनभद्र। जिले भर के विकास कार्यों की रूपरेखा जिस विकास भवन में तैयार होती है, उसी में प्रकाश के मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। बिजली गुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लगे सोलर पॉवर प्लांट की बैटरी की मियाद पूरी हो गई है। कुछ विभागों ने प्रकाश के अन्य वैकल्पिक इंतजाम किए हैं, जो नाकाफी साबित हो रहे हैं। इससे कामकाज बाधित हो जाता है। यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। संवाद
सिर्फ पांच विभागों में कनेक्शन
विकास भवन की तीसरी मंजिल पर लगे सोलर पॉवर प्लांट से सिर्फ पांच विभागों में कनेक्शन है। यूपीनेडा विभाग से संचालित इस सोलर पॉवर प्लांट से मौजूदा समय में नेडा कार्यालय, सीडीओ कार्यालय, डीडीओ कार्यालय, कौशल विकास मिशन और अर्थसंख्याधिकारी कार्यालय में बिजली सप्लाई हो रही है। बिजली गुल होने की स्थिति में सिर्फ इन्ही पांच विभागों में सोलर पॉवर प्लांट से बिजली सप्लाई होती है।
अन्य विभागों का काट दिया कनेक्शन
विकास भवन में 25 किलोवॉट का सोलर पॉवर प्लांट लगा जरूर है। प्लांट में लगी बैटरी की मियाद खत्म होने से सिर्फ 70 फीसदी ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है। इस वजह से समाज कल्याण विभाग, एनआरएलएम, दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग सहित अन्य विभागों की बिजली काफी पहले ही काट दी गई है।
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बिजली गुल होने पर बढ़ जाती है परेशानी
आंधी-बारिश की वजह से बीते दिनों विकास भवन की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे कई विभागीय कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया था। सहकारिता विभाग, सीवीओ कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, एनआरएलएम, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग सहित अन्य कार्यालयों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इससे ज्यादा समय तक बिजली गुल रहने की स्थिति में इन कार्यालयों में कामकाज ठप हो जाता है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ जाती है।
वर्जन:
विकास भवन की छत पर 25 केवी का सोलर पॉवर प्लांट लगा है। इसी वर्ष मार्च में प्लांट की बैटरी की वारंटी खत्म हो गई है। प्लांट से कम ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है, ऐसे में सभी विभागों में बिजली आपूर्ति होना संभव नहीं है। - चंद्रशेखर, नेडा परियोजना अधिकारी।
वर्जन:
पहले सोलर पॉवर प्लांट से कार्यालय में कनेक्शन था। कनेक्शन कट जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन्वर्टर लगा है। बिजली गुल होने पर इन्वर्टर से काम चलता है। ज्यादा देर तक बिजली नहीं होने पर कामकाज को लेकर समस्या होती है।
- रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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सिर्फ पांच विभागों में कनेक्शन
विकास भवन की तीसरी मंजिल पर लगे सोलर पॉवर प्लांट से सिर्फ पांच विभागों में कनेक्शन है। यूपीनेडा विभाग से संचालित इस सोलर पॉवर प्लांट से मौजूदा समय में नेडा कार्यालय, सीडीओ कार्यालय, डीडीओ कार्यालय, कौशल विकास मिशन और अर्थसंख्याधिकारी कार्यालय में बिजली सप्लाई हो रही है। बिजली गुल होने की स्थिति में सिर्फ इन्ही पांच विभागों में सोलर पॉवर प्लांट से बिजली सप्लाई होती है।
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अन्य विभागों का काट दिया कनेक्शन
विकास भवन में 25 किलोवॉट का सोलर पॉवर प्लांट लगा जरूर है। प्लांट में लगी बैटरी की मियाद खत्म होने से सिर्फ 70 फीसदी ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है। इस वजह से समाज कल्याण विभाग, एनआरएलएम, दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग सहित अन्य विभागों की बिजली काफी पहले ही काट दी गई है।
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बिजली गुल होने पर बढ़ जाती है परेशानी
आंधी-बारिश की वजह से बीते दिनों विकास भवन की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे कई विभागीय कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया था। सहकारिता विभाग, सीवीओ कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, एनआरएलएम, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग सहित अन्य कार्यालयों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इससे ज्यादा समय तक बिजली गुल रहने की स्थिति में इन कार्यालयों में कामकाज ठप हो जाता है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी बढ़ जाती है।
वर्जन:
विकास भवन की छत पर 25 केवी का सोलर पॉवर प्लांट लगा है। इसी वर्ष मार्च में प्लांट की बैटरी की वारंटी खत्म हो गई है। प्लांट से कम ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है, ऐसे में सभी विभागों में बिजली आपूर्ति होना संभव नहीं है। - चंद्रशेखर, नेडा परियोजना अधिकारी।
वर्जन:
पहले सोलर पॉवर प्लांट से कार्यालय में कनेक्शन था। कनेक्शन कट जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन्वर्टर लगा है। बिजली गुल होने पर इन्वर्टर से काम चलता है। ज्यादा देर तक बिजली नहीं होने पर कामकाज को लेकर समस्या होती है।
- रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी।