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दो ब्लॉकों के सोलह गांवों में बिजली नहीं
sonbhadra
Updated Wed, 18 Apr 2018 11:05 PM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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बभनी एवं म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र में दो दिन पूर्व आई आंधी के बाद 16 गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। पीसीएल के कर्मी पेट्रोलिंग करने की बात तो कह रहे लेकिन बुधवार की शाम तक इन गांवों की विद्युत आपूर्ति बहाल न होने से लोगों में आक्रोश है।बभनी उपकेंद्र से रोशन होने वाले मचबंधवा, चैनपुर, धनवार, बरवे, बकुलिया, घघरा, चौना, बहेराडोल, कोगा, बैना, फरीपान, सागोबांध, अहीरबुडवा, मनरूटोल, देवहार, खाड़ी टोला गांव में बिजली नहीं पहुंच रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हल्की हवा चलने पर ही विद्युत तार टूट जाते है। कभी.कभी तो जर्जर हो चुके खंभे भी आंधी का दबाव नहीं सह पाते और लटक जाते है।
ब्रेकडाउन होने पर पीसीएल के कर्मियों द्वारा उसे समय से दुरुस्त नहीं किया जाता और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
इसके पहले भी इस तरह की समस्या आने पर ग्रामीणों ने जर्जर तार व बिजली के खंभे ही नहीं उपकरण भी बदले जाने की मांग कर चुके है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पीसीएल द्वारा ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान न दिए जाने के कारण लोगों में आक्रोश फैलता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था तत्काल बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि हल्की हवा चलने पर ही विद्युत तार टूट जाते है। कभी.कभी तो जर्जर हो चुके खंभे भी आंधी का दबाव नहीं सह पाते और लटक जाते है।
ब्रेकडाउन होने पर पीसीएल के कर्मियों द्वारा उसे समय से दुरुस्त नहीं किया जाता और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
इसके पहले भी इस तरह की समस्या आने पर ग्रामीणों ने जर्जर तार व बिजली के खंभे ही नहीं उपकरण भी बदले जाने की मांग कर चुके है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पीसीएल द्वारा ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान न दिए जाने के कारण लोगों में आक्रोश फैलता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था तत्काल बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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