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दुद्धी को जिला बनाए बगैर विकास नहीं
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 09 Sep 2016 10:12 PM IST
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पिपरी में उपजिलाधिकारी कार्यालय में दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौपते लोग।
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पिपरी स्थित उपजिलाधिकारी कोर्ट परिसर में शुक्रवार को वकीलों, समाजसेवियों और नगरवासियों ने धरना देकर दुद्धी को जिला बनाने की आवाज बुलंद की। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम के प्रतिनिधि को सौंपा गया।
धरने की अगुवाई कर रहे दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष पारसनाथ गुप्त ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद भी अभी तक प्रदेश सरकार ने दुद्धी को जिला बनाने की घोषणा नहीं की। दुद्धी को जिला बनाये बगैर दक्षिणांचल के आदिवासियों का भला होने वाला नहीं है।
1989 में मिर्जापुर से अलग होकर सोनभद्र जिला बनाया गया था। यदि उस समय जिला मुख्यालय दक्षिणांचल में बनता तो जिले की तस्वीर ही दूसरी होती। दक्षिणांचल में विकास कार्यों के लिए सरकारी धन का जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। बीते 27 वर्षों में जितना धन दक्षिणांचल के विकास के लिए आया, यदि उसका आधा भी सही तरीके से उपयोग किया गया होता तो आज जिले की तस्वीर दूसरी होती। इस दौरान अरविंद यादव, अंजनी यादव, विवेक केशरी, संजय तिवारी, भोला सिंह, प्रवीण, मनोज, राकेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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धरने की अगुवाई कर रहे दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष पारसनाथ गुप्त ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद भी अभी तक प्रदेश सरकार ने दुद्धी को जिला बनाने की घोषणा नहीं की। दुद्धी को जिला बनाये बगैर दक्षिणांचल के आदिवासियों का भला होने वाला नहीं है।
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1989 में मिर्जापुर से अलग होकर सोनभद्र जिला बनाया गया था। यदि उस समय जिला मुख्यालय दक्षिणांचल में बनता तो जिले की तस्वीर ही दूसरी होती। दक्षिणांचल में विकास कार्यों के लिए सरकारी धन का जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। बीते 27 वर्षों में जितना धन दक्षिणांचल के विकास के लिए आया, यदि उसका आधा भी सही तरीके से उपयोग किया गया होता तो आज जिले की तस्वीर दूसरी होती। इस दौरान अरविंद यादव, अंजनी यादव, विवेक केशरी, संजय तिवारी, भोला सिंह, प्रवीण, मनोज, राकेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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