यूपी: सोनभद्र के डीएम ने वीडियो कॉल कर उपस्थिति की ली जानकारी, कार्यालय में नहीं मिला कोई बीडीओ, वेतन काटने के आदेश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बावजूद अफसर कार्यालय में उपस्थित होकर जनता की फरियाद सुनने में रुचि नहीं ले रहे। मंगलवार को सोनभद्र जिले के डीएम अभिषेक सिंह की आकस्मिक जांच में इसकी पोल खुली। डीएम ने खुद सभी एसडीएम, तहसीलदार और बीडीओ से वीडियो कॉलिंग पर बात की। इस दौरान सात ब्लॉकों के बीडीओ कार्यालय में उपस्थित नहीं थे। वह अनुपस्थिति के लिए समुचित कारण भी नहीं बता सके। डीएम ने सभी के एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति की है।
मुख्यमंत्री ने सभी अफसरों को सुबह नौ से 11 बजे तक दफ्तर में बैठकर जनता से मिलने और शिकायतें सुनने का निर्देश दिया है। जिले के कई विभागों के अधिकारी इसका पालन नहीं कर रहे। उनके कार्यालय से अक्सर गायब रहने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
मंगलवार को डीएम अभिषेक सिंह ने खुद इसकी जांच की। सुबह सवा दस बजे से साढ़े दस बजे तक सभी चारों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार और दसों ब्लॉकों के बीडीओ को फोन किया और वीडियो कॉल के जरिए उनकी लोकेशन देखी। इसमें चोपन, कोन, नगवां, घोरावल, करमा, दुद्धी, चतरा के बीडीओ कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।
डीएम ने उनसे अनुपस्थिति का कारण पूछा तो कोई रास्ते में होने की बात कहता रहा तो कोई फील्ड में जाने की दलील देता रहा। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि फील्ड में जाने के लिए 11 बजे के बाद का समय है।
हर हाल में सुबह 11 बजे तक दफ्तर में मौजूद रहें। डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि कार्यालय में उपस्थित न होना गंभीर लापरवाही है। सातों ब्लाकों के बीडीओ के एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति करते हुए उच्चाधिकारियों को सूचना दिया गया है। अन्य विभागों में भी आकस्मिक जांच की जाएगी।