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Sonebhadra News: चार परीक्षा केंद्रों के नाम कटे, पांच नए जोड़े गए
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सोनभद्र। यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए प्रस्तावित केंद्रों पर आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। नए प्रस्ताव में 77 केंद्र शामिल हैं। इसमें पहले केंद्र बनाए गए चार विद्यालयों का नाम सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि पांच नए नाम जोड़े गए है। दूरी के मानक और परीक्षार्थियों की संख्या पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने में कोई असुविधा न आए।
बोर्ड परीक्षा फरवरी में आरंभ होगी। इसके लिए तैयारी जोरों पर है। जिले में परीक्षा के लिए कुल 76 केंद्रों की प्रारंभिक सूची गत 10 नवंबर को जारी हुई थी। इस पर 14 नवंबर तक ऑनलाइन आपत्तियां मांगी गई थी। महज चार दिनों के अंदर ही 35 आपत्तियां पड़ी थीं। ज्यादातर आपत्तियां दूरी को लेकर थी।
बोर्ड की ओर से निर्धारित अधिकतम दूरी के मानक को दरकिनार कर 70-75 किमी दूर के विद्यालयों को केंद्र बनाया गया था। दुद्धी का केंद्र शक्तिनगर तो मरकुड़ी का मधुपुर भेजा गया था। इसके अलावा कई विद्यालयों की अधिकतम क्षमता की अनदेखी कर डेढ़ से दो गुना परीक्षार्थी आवंटित किए गए थे। संसाधनों के अभाव में वहां परीक्षा कराना संभव नहीं था। कुछ ऐसे विद्यालय भी केंद्र बनाए गए थे, जहां शिक्षक, डेस्क-बेंच, सीसी टीवी कैमरा, बाउंड्री जैसी मूलभुत सुविधाएं भी नहीं हैं।
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जिला स्तरीय समिति ने सभी आपत्तियों पर चर्चा के बाद नए सिरे से केंद्रों का निर्धारण करते हुए बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। इसमें चार विद्यालयों का नाम काटकर उसकी जगह पांच नए विद्यालय जोड़े गए हैं। काटे गए तीन केंद्र दुद्धी तहसील क्षेत्र के हैं।
एक केंद्र को आवासीय विद्यालय होने के कारण हटाया गया है तो दो अन्य पर जरूरी सुविधाएं न होने के कारण जिला स्तरीय समिति ने केंद्र न बनाने का निर्णय लिया है। एक अन्य केंद्र रॉबर्ट्सगंज तहसील का है। वहीं जिन पांच विद्यालयों के नए नाम जोड़े गए हैं, उसमें दो ऐसे विद्यालय हैं, जो पहले भी केंद्र बनते रहे हैं। वहां सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। अच्छे विद्यालय होने के बाद भी उनका नाम प्रारंभिक सूची में नहीं था।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद केंद्रों की संशोधित सूची बोर्ड को प्रेषित की गई है। वहां से अनुमति के बाद सात दिसंबर तक परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दिया जाएगा। - जयराम सिंह, डीआईओएस।
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बोर्ड परीक्षा फरवरी में आरंभ होगी। इसके लिए तैयारी जोरों पर है। जिले में परीक्षा के लिए कुल 76 केंद्रों की प्रारंभिक सूची गत 10 नवंबर को जारी हुई थी। इस पर 14 नवंबर तक ऑनलाइन आपत्तियां मांगी गई थी। महज चार दिनों के अंदर ही 35 आपत्तियां पड़ी थीं। ज्यादातर आपत्तियां दूरी को लेकर थी।
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बोर्ड की ओर से निर्धारित अधिकतम दूरी के मानक को दरकिनार कर 70-75 किमी दूर के विद्यालयों को केंद्र बनाया गया था। दुद्धी का केंद्र शक्तिनगर तो मरकुड़ी का मधुपुर भेजा गया था। इसके अलावा कई विद्यालयों की अधिकतम क्षमता की अनदेखी कर डेढ़ से दो गुना परीक्षार्थी आवंटित किए गए थे। संसाधनों के अभाव में वहां परीक्षा कराना संभव नहीं था। कुछ ऐसे विद्यालय भी केंद्र बनाए गए थे, जहां शिक्षक, डेस्क-बेंच, सीसी टीवी कैमरा, बाउंड्री जैसी मूलभुत सुविधाएं भी नहीं हैं।
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जिला स्तरीय समिति ने सभी आपत्तियों पर चर्चा के बाद नए सिरे से केंद्रों का निर्धारण करते हुए बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। इसमें चार विद्यालयों का नाम काटकर उसकी जगह पांच नए विद्यालय जोड़े गए हैं। काटे गए तीन केंद्र दुद्धी तहसील क्षेत्र के हैं।
एक केंद्र को आवासीय विद्यालय होने के कारण हटाया गया है तो दो अन्य पर जरूरी सुविधाएं न होने के कारण जिला स्तरीय समिति ने केंद्र न बनाने का निर्णय लिया है। एक अन्य केंद्र रॉबर्ट्सगंज तहसील का है। वहीं जिन पांच विद्यालयों के नए नाम जोड़े गए हैं, उसमें दो ऐसे विद्यालय हैं, जो पहले भी केंद्र बनते रहे हैं। वहां सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। अच्छे विद्यालय होने के बाद भी उनका नाम प्रारंभिक सूची में नहीं था।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद केंद्रों की संशोधित सूची बोर्ड को प्रेषित की गई है। वहां से अनुमति के बाद सात दिसंबर तक परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दिया जाएगा। - जयराम सिंह, डीआईओएस।