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मार्निंग कोर्ट के लिए हुए लामबंद
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:28 PM IST
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मार्निंग कोर्ट की बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को वकीलों ने राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में चक्रमण कर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। इसके अलावा न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया।
इसकी वजह से कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे। सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि सोनभद्र जिला नक्सल प्रभावित होने के साथ ही भौगोलिक दृष्टिकोण से भी अलग है।
यहां पर मई और जून माह में लू और तपिश बढ़ जाती है, इसकी वजह से लोगों का दोपहर बाद निकलना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर माह के 28 तारीख को विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया था।
क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पिछले साल से ही मार्निंग कोर्ट पर पाबंदी लगा दी गई है। पिछले वर्ष से ही मार्निंग कोर्ट की बहाली की मांग की जा रही है,
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लेकिन हाईकोर्ट प्रशासन वकीलों की बात को अनसुना कर दिया है। अब पुन: मई माह आने वाला है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय मार्निंग कोर्ट को लेकर नहीं आया।
इसकी वजह से वकीलों के साथ-साथ वादकारी भी असमंजस में हैं। सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि यूपी बार काउंसिल का जैसा भी दिशा-निर्देश होगा उसी के अनुरूप कदम उठाया जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में रामसागर शर्मा, अंशुमान सिंह, अशोक प्रसाद श्रीवास्तव, आनंद मिश्रा, जीएस राय, डीके मौर्या, महेंद्र शुक्ला, ओपी तिवारी, राजीव गौतम, पीए खान, एसए खान, रोशनलाल यादव, राजेंद्र चौधरी, शिवशंकर शामिल रहे।
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इसकी वजह से कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे। सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि सोनभद्र जिला नक्सल प्रभावित होने के साथ ही भौगोलिक दृष्टिकोण से भी अलग है।
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यहां पर मई और जून माह में लू और तपिश बढ़ जाती है, इसकी वजह से लोगों का दोपहर बाद निकलना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर माह के 28 तारीख को विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया था।
क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पिछले साल से ही मार्निंग कोर्ट पर पाबंदी लगा दी गई है। पिछले वर्ष से ही मार्निंग कोर्ट की बहाली की मांग की जा रही है,
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लेकिन हाईकोर्ट प्रशासन वकीलों की बात को अनसुना कर दिया है। अब पुन: मई माह आने वाला है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय मार्निंग कोर्ट को लेकर नहीं आया।
इसकी वजह से वकीलों के साथ-साथ वादकारी भी असमंजस में हैं। सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि यूपी बार काउंसिल का जैसा भी दिशा-निर्देश होगा उसी के अनुरूप कदम उठाया जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में रामसागर शर्मा, अंशुमान सिंह, अशोक प्रसाद श्रीवास्तव, आनंद मिश्रा, जीएस राय, डीके मौर्या, महेंद्र शुक्ला, ओपी तिवारी, राजीव गौतम, पीए खान, एसए खान, रोशनलाल यादव, राजेंद्र चौधरी, शिवशंकर शामिल रहे।