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मानसून की पहली बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल
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झमाझम बारिश के साथ मानसून ने बृहस्पतिवार को पूर्वांचल में दस्तक दे दी। गर्मी और उमस से जूझते लोगों को दोपहर में हुई करीब एक घंटे की बारिश ने बड़ी राहत पहुंचाई है। बारिश के बाद सोनांचल का मौसम सुहाना हो गया। खेती-किसानी के लिए भी यह बारिश काफी फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि दूसरी ओर जगह-जगह जलभराव से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश से पूर्व नाला सफाई के दावों की भी पोल खुल गई। पहली बारिश में नगरीय क्षेत्र के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। राहगीरों को पानी के बीच से आवागमन करना पड़ा।
दक्षिण तट से उठने वाला मानसून सोनभद्र के रास्ते ही पूर्वांचल में प्रवेश करता है। इसकी संभावित तिथि 20 जून मानी गई है। पिछले कई दिनों से मौसम का रुख बदला हुआ था। बादलों की उमड़-घुमड़ के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में बूंदाबांदी भी हो रही थी। बुधवार को मध्य प्रदेश की सीमा से लगे अनपरा, शक्तिनगर सहित कई इलाकों में बारिश हुई थी। बृहस्पतिवार को राबर्ट्सगंज व आसपास के इलाकों में सुबह से ही मौसम बदलने लगा था। आसमान में बादलों के साथ वातावरण में उमस के कारण लोग बारिश का अनुमान लगा रहे थे। दोपहर बाद अचानक ठंडी हवा के झोंको के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। दोपहर करीब एक बजे से शुरू हुई बारिश एक घंटे से भी अधिक समय तक जारी रही। आसमान से गिरती राहत की बूंदों के बीच बच्चे मौज मस्ती करते नजर आए। बारिश ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी है तो दूसरी ओर जलभराव ने रहवासियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। बारिश के बाद फ्लाईओवर के नीचे धर्मशाला चौक से चंडी तिराहा और मेन चौक को जाने वाले मार्ग पर दूर तक पानी लग गया। नई बस्ती, अंबेडकरनगर, दीपनगर सहित कई अन्य इलाकों में भी रास्तों में पानी भरने से लोगों की दुश्वारी बढ़ गई है। बारिश का पानी घरों में भी घुसने से लोग जिम्मेदारों को कोसते हुए उससे बचाव की कोशिशों में जुटे रहे। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से लोग परेशान रहे।
अस्पताल की नालियां जाम, वार्डों में पहुंचा पानी
जिला संयुक्त अस्पताल में जलनिकासी के बनी नालियों की नियमित सफाई न होने का खामियाजा बृहस्पतिवार को भर्ती मरीजों को भुगतान पड़ा है। नालियां जाम होने के चलते बारिश का पानी वापस वार्डों में पहुंचने लगा। जनरल वार्ड में पानी घुसने से मरीजों और उनके तीमारदारों की चिंता बढ़ गई है। गंदे पानी के बीच उन्हें रहना पड़ रहा है। जानकारी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन जल निकासी की व्यवस्था में जुट गया।
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खेती के लिए फायदेमंद है बारिश
जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण मिश्र ने बारिश को खेती के लिए काफी फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि मानसून की जिस बारिश का इंतजार हो रहा था, उसकी शुरुआत हो गई है। झमाझम बारिश से धान की नर्सरी को काफी राहत पहुंची है। जो किसान किन्हीं कारणों से अब तक नर्सरी नहीं डाल पाए हैं, वह इस बारिश के बाद नर्सरी डाल सकते हैं। सांवा, कोदो जैसे मोटा अनाज के अलावा दलहन सहित अन्य फसलों को भी लाभ पहुंचा है। अगले कुछ दिनों तक अभी बारिश की संभावना बनी हुई है।
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दक्षिण तट से उठने वाला मानसून सोनभद्र के रास्ते ही पूर्वांचल में प्रवेश करता है। इसकी संभावित तिथि 20 जून मानी गई है। पिछले कई दिनों से मौसम का रुख बदला हुआ था। बादलों की उमड़-घुमड़ के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में बूंदाबांदी भी हो रही थी। बुधवार को मध्य प्रदेश की सीमा से लगे अनपरा, शक्तिनगर सहित कई इलाकों में बारिश हुई थी। बृहस्पतिवार को राबर्ट्सगंज व आसपास के इलाकों में सुबह से ही मौसम बदलने लगा था। आसमान में बादलों के साथ वातावरण में उमस के कारण लोग बारिश का अनुमान लगा रहे थे। दोपहर बाद अचानक ठंडी हवा के झोंको के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। दोपहर करीब एक बजे से शुरू हुई बारिश एक घंटे से भी अधिक समय तक जारी रही। आसमान से गिरती राहत की बूंदों के बीच बच्चे मौज मस्ती करते नजर आए। बारिश ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी है तो दूसरी ओर जलभराव ने रहवासियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। बारिश के बाद फ्लाईओवर के नीचे धर्मशाला चौक से चंडी तिराहा और मेन चौक को जाने वाले मार्ग पर दूर तक पानी लग गया। नई बस्ती, अंबेडकरनगर, दीपनगर सहित कई अन्य इलाकों में भी रास्तों में पानी भरने से लोगों की दुश्वारी बढ़ गई है। बारिश का पानी घरों में भी घुसने से लोग जिम्मेदारों को कोसते हुए उससे बचाव की कोशिशों में जुटे रहे। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से लोग परेशान रहे।
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अस्पताल की नालियां जाम, वार्डों में पहुंचा पानी
जिला संयुक्त अस्पताल में जलनिकासी के बनी नालियों की नियमित सफाई न होने का खामियाजा बृहस्पतिवार को भर्ती मरीजों को भुगतान पड़ा है। नालियां जाम होने के चलते बारिश का पानी वापस वार्डों में पहुंचने लगा। जनरल वार्ड में पानी घुसने से मरीजों और उनके तीमारदारों की चिंता बढ़ गई है। गंदे पानी के बीच उन्हें रहना पड़ रहा है। जानकारी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन जल निकासी की व्यवस्था में जुट गया।
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खेती के लिए फायदेमंद है बारिश
जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण मिश्र ने बारिश को खेती के लिए काफी फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि मानसून की जिस बारिश का इंतजार हो रहा था, उसकी शुरुआत हो गई है। झमाझम बारिश से धान की नर्सरी को काफी राहत पहुंची है। जो किसान किन्हीं कारणों से अब तक नर्सरी नहीं डाल पाए हैं, वह इस बारिश के बाद नर्सरी डाल सकते हैं। सांवा, कोदो जैसे मोटा अनाज के अलावा दलहन सहित अन्य फसलों को भी लाभ पहुंचा है। अगले कुछ दिनों तक अभी बारिश की संभावना बनी हुई है।

लि संयुक्त चिकित्सालय के मरीज वार्ड में बारिश का पानी।- फोटो : SONBHADRA

राबर्ट्सगंज धर्मशाला से मेन चौक रोड पर जमा बारिश का पानी।- फोटो : SONBHADRA