{"_id":"627412c5066419591137effa","slug":"minimum-demand-for-electricity-reached-below-ten-thousand-sonbhadra-news-vns651996285","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस हजार के नीचे पहुंची बिजली की न्यूनतम मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस हजार के नीचे पहुंची बिजली की न्यूनतम मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली की न्यूनतम मांग में बृहस्पतिवार को तेजी से गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय से 15-16 हजार मेगावाट के आसपास चल रही बिजली की न्यूनतम मांग बृहस्पतिवार को दस हजार मेगावाट से नीचे आ गई। वहीं अधिकतम मांग भी 18-19 हजार मेगावाट के आसपास बनी रही। मांग में कमी मौसम में बदलाव व कटौती का असर माना जा रहा है।
गर्मी में जहां बिजली की मांग में तेजी से इजाफा होना स्वाभाविक है, वहीं सूबे की बिजली की मांग में गिरावट दर्ज की जा रही है। त्योहारों के दौरान आपूर्ति बाधित न होने के सरकारी फरमान के दौरान बिजली की मांग रिकार्ड स्तर पर दर्ज की गई थी। बृहस्पतिवार को बिजली की न्यूनतम मांग 9929 मेगावाट के आसपास बनी रही। वहीं अधिकतम मांग भी 23 हजार के आसपास से 18832 मेगावाट पर ठहर गई। बुधवार को जहां बिजली की मांग अधिक होने पर परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता कम हो गई, वहीं मांग में कमी होने पर परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता भी अचानक से बढ़ गई। बुधवार को 4571 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाली इकाइयों से 3014 मेगावाट ही उत्पादन हो रहा था। मांग घटने के बाद सभी इकाइयों को फुल लोड पर चलाया गया।
विज्ञापन
गर्मी में जहां बिजली की मांग में तेजी से इजाफा होना स्वाभाविक है, वहीं सूबे की बिजली की मांग में गिरावट दर्ज की जा रही है। त्योहारों के दौरान आपूर्ति बाधित न होने के सरकारी फरमान के दौरान बिजली की मांग रिकार्ड स्तर पर दर्ज की गई थी। बृहस्पतिवार को बिजली की न्यूनतम मांग 9929 मेगावाट के आसपास बनी रही। वहीं अधिकतम मांग भी 23 हजार के आसपास से 18832 मेगावाट पर ठहर गई। बुधवार को जहां बिजली की मांग अधिक होने पर परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता कम हो गई, वहीं मांग में कमी होने पर परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता भी अचानक से बढ़ गई। बुधवार को 4571 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाली इकाइयों से 3014 मेगावाट ही उत्पादन हो रहा था। मांग घटने के बाद सभी इकाइयों को फुल लोड पर चलाया गया।
विज्ञापन