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बिचौलिये कराते थे शिक्षकों के तबादले

Fri, 23 Sep 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र
अमर उजाला ब्यूरो/ सोनभद्र Updated Fri, 23 Sep 2016 11:14 PM IST
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Middleman idly transfer of teachers
उरमौरा स्थित बीएसए कार्यालय में कर्मचारियों की खाली पड़ी कुर्सियां।

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बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बिचौलियों ने मोटी रकम लेकर 600 से अधिक शिक्षकों के तबादले और समायोजन करा दिए। यही बिचौलिये समायोजन और तबादले की सूची तैयार करती आई है। एडीएम रामचंद्र की जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। दो खंड शिक्षाधिकारी, दो क्लर्क, कुछ तथाकथित और छह अध्यापक इस सत्र में बड़ी संख्या में तबादले और समायोजन करा चुके हैं। इनमें से 25 अगस्त को शिकायत के बाद डीएम कार्यालय अटैच किए गए वरिष्ठ लिपिक ने शासनादेश को ताक पर रखते हुए पांच दिनों के भीतर 13 अध्यापकों का स्थानांतरण करा दिया।

जिले में शिक्षकों के तबादले और समायोजन के नाम पर विभागीय और अन्य लोगों ने जमकर लूट खसोट की है। महिला शिक्षकों को दूरदराज स्कूलों में तबादला करने के नाम पर इतना भयभीत कर दिया जाता था कि वे 50 से 60 हजार रुपये बिचौलियों को देने के लिए तैयार हो जाती थी। डीएम सीबी सिंह ने बताया कि जांच में हर रोज नये मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। 600 से 700 तबादले किए गए हैं। इनमें म्युचुअल और समायोजन भी शामिल है।  इनमें से 289 स्थानांतरण बेसिक शिक्षा सचिव के पत्र पर हुए हैं जबकि रोक के बावजूद एक सितंबर के बाद 93 और तबादले कर दिए गए। पत्र स्कैन करके आए हैं। ये पत्र फर्जी हैं या नहीं इसके लिए बेसिक शिक्षा सचिव के वहां से तबादले के पत्रांक संख्या मंगवाए गए हैं। यही नहीं, 25 महिला शिक्षकों ने दूरदराज स्कूल मिलने की शिकायत उनसे की तो उन्होंने कमेटी बनाकर आसपास के स्कूलों में भेजने का निर्देश दिया था। बीएसए और उसके बाबू ने 25 के बजाए 65 शिक्षकों को समायोजित कर दिया। डीएम का कहना है कि अध्यापकों के अनियमित ढंग से स्थानांतरण और समायोजन करने में तत्कालीन बीएसए मनभरन राम और वरिष्ठ लिपिक राजेश कुमार जायसवाल का नाम सामने आया। बीएसए के खिलाफ शासन को लिखा गया तो लिपिक राजेश कुमार जायसवाल को 25 अगस्त को कलेक्ट्रेट शिकायत प्रकोष्ठ से संबद्ध कर लिया गया। जांच में पता चला कि शिकायत प्रकोष्ठ से संबद्ध होने के बावजूद राकेश कुमार ने बीएसए के वहां 13 अध्यापकों का स्थानांतरण कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। ऐसे में वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति कर चुके हैं।
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