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शहीदी दिवस पर याद किए गए नौवें गुरु
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:16 PM IST
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा राबर्ट्सगंज में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस गुरु पर्व बुधवार को श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह और दया सिंह ने गुरुवाणी का गायन किया। लोगों ने गुरुद्वारा में मत्था टेका और पूजन अर्चन किया। कार्यक्रम समाप्ति के बाद लंगर का आयोजन किया, जिसमें तमाम लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने गुरु तेग बहादुर के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि उनका जन्म एक अप्रैल, 1621 में अमृतसर में हुआ था। बचपन का नाम त्यागमल था। त्याग का अर्थ ही किसी को कुछ देना है। उन्होंने धर्म प्रचार के लिए एक केंद्र की स्थापना की उसका नाम अब आनंदपुर साहिब है।
गुरुनानक देव के उपदेशों, शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाया। संदेश दिया कि सबको मिलकर रहना चाहिए और सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। शबद कीर्तन और पूजन अर्चन के बाद गुरुद्वारा में लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में रनजीत सिंह, गुरविंदर सिंह भंडारी, भगवंत सिंह, देवेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, चरनजीत सिंह, मनमीत सिंह, रविंद्र सिंह, गोल्डी, रवि, अजीत सिंह का योगदान रहा।
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इस मौके पर गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने गुरु तेग बहादुर के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि उनका जन्म एक अप्रैल, 1621 में अमृतसर में हुआ था। बचपन का नाम त्यागमल था। त्याग का अर्थ ही किसी को कुछ देना है। उन्होंने धर्म प्रचार के लिए एक केंद्र की स्थापना की उसका नाम अब आनंदपुर साहिब है।
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गुरुनानक देव के उपदेशों, शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाया। संदेश दिया कि सबको मिलकर रहना चाहिए और सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। शबद कीर्तन और पूजन अर्चन के बाद गुरुद्वारा में लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में रनजीत सिंह, गुरविंदर सिंह भंडारी, भगवंत सिंह, देवेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, चरनजीत सिंह, मनमीत सिंह, रविंद्र सिंह, गोल्डी, रवि, अजीत सिंह का योगदान रहा।