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Sonebhadra News: प्रबंधक महासभा-माध्यमिक शिक्षक संघ आमने-सामने
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सोनभद्र। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आयोग की तरफ से भेजे जाने वाले शिक्षकों को सीधे नियुक्ति पत्र जारी करने के बजाए पांच अभ्यर्थियों (आयोग की तरफ से चयनित शिक्षकों) का पैनल मांगे जाने को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने गलत ठहराया है। प्रबंधक महासभा की तरफ से मुख्यमंत्री से मिलकर उठाई गई मांग को शिक्षक विरोधी बताते हुए आंदोलन का एलान किया गया है। दावा किया गया है कि लंबे संघर्षों के जरिये शिक्षकों ने जो उपलब्धियां हासिल की थीं, उसे प्रबंधक महासभा मांगों के बहाने छीनकर 50 वर्ष पूर्व की स्थिति में लाना चाहती है।
आंदोलन के लिए शिक्षकों से बातचीत करने पहुंचे प्रदेश मंत्री एवं सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र तिवारी ने बताया कि आंदोलन के प्राथमिक चरण में सभी शिक्षक चार सितंबर को अवकाश के बाद अपने-अपने विद्यालय पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। 16 सितंबर को लखनऊ में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधक महासभा की तरफ से पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मिलकर जो 12 सूत्री मांगें उठाई थीं, उनमें कई बातें ऐसी हैं, जो शिक्षक विरोधी हैं। अगर उन्हें मान लिया गया तो शिक्षक 50 साल पूर्व की स्थिति में पहुंच जाएंगे। इसे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ स्वीकार नहीं करेगा। बताया कि फिलहाल चार सितंबर को प्रदेश के भी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई का समय पूरा होने के बाद शिक्षक मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विद्यालय गेट के सामने विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। 16 सितंबर को लखनऊ में संगठन की बैठक होगी, जिसमें चरणवार आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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आंदोलन के लिए शिक्षकों से बातचीत करने पहुंचे प्रदेश मंत्री एवं सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र तिवारी ने बताया कि आंदोलन के प्राथमिक चरण में सभी शिक्षक चार सितंबर को अवकाश के बाद अपने-अपने विद्यालय पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। 16 सितंबर को लखनऊ में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधक महासभा की तरफ से पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मिलकर जो 12 सूत्री मांगें उठाई थीं, उनमें कई बातें ऐसी हैं, जो शिक्षक विरोधी हैं। अगर उन्हें मान लिया गया तो शिक्षक 50 साल पूर्व की स्थिति में पहुंच जाएंगे। इसे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ स्वीकार नहीं करेगा। बताया कि फिलहाल चार सितंबर को प्रदेश के भी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई का समय पूरा होने के बाद शिक्षक मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विद्यालय गेट के सामने विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन की शुरुआत करेंगे। 16 सितंबर को लखनऊ में संगठन की बैठक होगी, जिसमें चरणवार आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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