{"_id":"62c47ef555f67051452b49ea","slug":"maharishi-charak-vananchal-health-service-tour-concludes-sonbhadra-news-vns662475880","type":"story","status":"publish","title_hn":"महर्षि चरक वनांचल स्वास्थ्य सेवा यात्रा का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महर्षि चरक वनांचल स्वास्थ्य सेवा यात्रा का समापन
विज्ञापन
महर्षि चरक वनांचन स्वास्थ्य सेवा यात्रा का मंगलवार को कलेक्ट्रेट में समापन हुआ। इस यात्रा के तहत 940 गांवों में 135 कैंप और एक मेगा कैंप के माध्यम से 75 हजार से अधिक लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा दी गई। सोनभद्र के अलावा मिर्जापुर और चंदौली के सीमावर्ती इलाकों में भी कैंप लगाए गए।
समापन अवसर पर डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा अपने मूर्त रूप में प्रभावित होकर उस पड़ाव पर पहुंची है जहां से इसका असली रूप प्रारंभ होगा। विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय सह सचिव केके द्विवेदी ने कहा कि गांवों में रहने वाली दो तिहाई आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवा अच्छी नहीं है। उन्हें अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए शहरों की तरफ भागना पड़ता है या फिर झोलाछाप की शरण लेनी पड़ती है। सेवा समर्पण संस्थान के जिलाध्यक्ष विमल सिंह ने कहा कि एक अच्छा डॉक्टर हमेशा मरीज की भलाई के लिए उसी हद तक आशावादी होता है जितना कि स्वयं वह मरीज। सेवा समर्पण संस्थान के सह संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि अच्छा डॉक्टर अपने मरीज की निजता का पूरा सम्मान करता है। यह डॉक्टर का कर्तव्य भी है और आपका अधिकार भी है कि डॉक्टर आपको उचित एकांत में ही देखे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सेवा समर्पण संस्थान के जिला सह मंत्री आलोक कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि कैंप में विश्व आयुर्वेद परिषद, एनएमओ, सेवा भारती, हार्ड फाउंडेशन ऑफ इंडिया, आरोग्य भारती समेत तमाम संगठनों ने इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया। कार्यक्रम में डॉ आशुतोष पाठक, डॉ विजय राय, डॉ. मनीष मिश्र, डॉ रमेश यादव, डॉ नेहा बिष्ट, डॉ. सीएस पांडेय, डॉ. नेहा चौधरी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. जीतू राम, डॉ. सुनीता राय, डॉ. शांतनु तिवारी, डॉ. मोनिका, डॉ. सुशील सिंह, डॉ. अमित सिंह आदि ने सक्रिय सहयोग दिया।
विज्ञापन
समापन अवसर पर डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा अपने मूर्त रूप में प्रभावित होकर उस पड़ाव पर पहुंची है जहां से इसका असली रूप प्रारंभ होगा। विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय सह सचिव केके द्विवेदी ने कहा कि गांवों में रहने वाली दो तिहाई आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवा अच्छी नहीं है। उन्हें अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए शहरों की तरफ भागना पड़ता है या फिर झोलाछाप की शरण लेनी पड़ती है। सेवा समर्पण संस्थान के जिलाध्यक्ष विमल सिंह ने कहा कि एक अच्छा डॉक्टर हमेशा मरीज की भलाई के लिए उसी हद तक आशावादी होता है जितना कि स्वयं वह मरीज। सेवा समर्पण संस्थान के सह संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि अच्छा डॉक्टर अपने मरीज की निजता का पूरा सम्मान करता है। यह डॉक्टर का कर्तव्य भी है और आपका अधिकार भी है कि डॉक्टर आपको उचित एकांत में ही देखे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सेवा समर्पण संस्थान के जिला सह मंत्री आलोक कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि कैंप में विश्व आयुर्वेद परिषद, एनएमओ, सेवा भारती, हार्ड फाउंडेशन ऑफ इंडिया, आरोग्य भारती समेत तमाम संगठनों ने इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया। कार्यक्रम में डॉ आशुतोष पाठक, डॉ विजय राय, डॉ. मनीष मिश्र, डॉ रमेश यादव, डॉ नेहा बिष्ट, डॉ. सीएस पांडेय, डॉ. नेहा चौधरी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. जीतू राम, डॉ. सुनीता राय, डॉ. शांतनु तिवारी, डॉ. मोनिका, डॉ. सुशील सिंह, डॉ. अमित सिंह आदि ने सक्रिय सहयोग दिया।
विज्ञापन