{"_id":"57264add4f1c1b57035cd459","slug":"magistrate-probe-to-be-held-in-anpara-fire-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनपरा डी की अगलगी की होगी मजिस्ट्रेट जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनपरा डी की अगलगी की होगी मजिस्ट्रेट जांच
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Sun, 01 May 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
पूर्ण रूप से राख बांध पर निर्मित देश की पहली परियोजना अनपरा डी का दृश्य।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हजार मेगावाट वाली अनपरा डी परिसर स्थित भेल स्टोर यार्ड में लगी आग को अगर समय रहते काबू नहीं किया गया होता तो पूर्णतया राख बांध पर बनी देश की इस पहली परियोजना के साथ 12 सौ मेगावाट वाली लैंको में भारी तबाही मचती। एसडीएम दुद्धी डा. विश्राम सिंह यादव ने इसको लेकर अगलगी की प्राथमिक रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच की जरूरत जताते हुए अपनी संस्तुति भी दे दी है।
बताते चलें कि गत 21 अप्रैल को भेल स्टोर यार्ड में लगी आग से करोड़ों का नुकसान तो हुआ ही, इस आग को काबू करने में रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर, बीजपुर, जयंत, अमलोरी, निगाही, बीना आदि परियोजनाओं से आए 22 दमकल दस्तों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। रिपोर्ट में एसडीएम का स्पष्ट कहना है कि आग अगर थोड़ी और बढ़ जाती तो अनपरा डी और लैंको में तबाही का मंजर परियोजनाओं के साथ ही, बिजली के मामले में राष्ट्र को बड़ा नुकसान पहुंचाने का सबब बन जाता। बताया है कि यार्ड में डीजल, हाइड्रोजन गैस के सिलेंडर, केबल जैसे ज्वलनशील पदार्थ भरे थे। वहीं पास स्थित डीजल भंडारण में आग लगने की दशा में आसपास की बस्तियां भी इससे प्रभावित होतीं। लोगों की आशंका है कि आग लगी नहीं, लगाई गई है। पिछले वर्ष बरगवां स्थित भेल के स्टोर यार्ड में लगी आग को देखते हुए भी आशंका कुछ ज्यादा ही गहरा गई है। इसको देखते हुए एसडीएम ने मामले की विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच की जरूरत जताई है। उधर, एसडीएम दुद्धी डा. विश्राम सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि संस्तुति के साथ रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी गई है। वहीं डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना था कि रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। एक-दो दिन में इसको लेकर जरूरी निर्देश निर्गत कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
बताते चलें कि गत 21 अप्रैल को भेल स्टोर यार्ड में लगी आग से करोड़ों का नुकसान तो हुआ ही, इस आग को काबू करने में रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर, बीजपुर, जयंत, अमलोरी, निगाही, बीना आदि परियोजनाओं से आए 22 दमकल दस्तों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। रिपोर्ट में एसडीएम का स्पष्ट कहना है कि आग अगर थोड़ी और बढ़ जाती तो अनपरा डी और लैंको में तबाही का मंजर परियोजनाओं के साथ ही, बिजली के मामले में राष्ट्र को बड़ा नुकसान पहुंचाने का सबब बन जाता। बताया है कि यार्ड में डीजल, हाइड्रोजन गैस के सिलेंडर, केबल जैसे ज्वलनशील पदार्थ भरे थे। वहीं पास स्थित डीजल भंडारण में आग लगने की दशा में आसपास की बस्तियां भी इससे प्रभावित होतीं। लोगों की आशंका है कि आग लगी नहीं, लगाई गई है। पिछले वर्ष बरगवां स्थित भेल के स्टोर यार्ड में लगी आग को देखते हुए भी आशंका कुछ ज्यादा ही गहरा गई है। इसको देखते हुए एसडीएम ने मामले की विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच की जरूरत जताई है। उधर, एसडीएम दुद्धी डा. विश्राम सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि संस्तुति के साथ रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी गई है। वहीं डीएम चंद्रभूषण सिंह का कहना था कि रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। एक-दो दिन में इसको लेकर जरूरी निर्देश निर्गत कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन