सोनभद्र। जिला कारागार में मंगलवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बंदियों को नशे के दुष्प्रभाव, उपचार और पुनर्वास के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल जज सीडी व प्राधिकरण के सचिव राहुल और सिविल जज जूडि इंदु वर्मा ने जेल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान जेल में कुल 898 बंदी निरुद्ध मिले। इनमें 708 विचाराधीन और 190 सिद्धदोष बंदी हैं। सिविल जज राहुल ने बंदियों को नशे के खिलाफ अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल असर डालता है। नशे की लत कई बार व्यक्ति को अपराध की ओर भी ले जाती है। बंदियों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम, निर्भरता के दुष्प्रभाव, नशामुक्ति के उपाय और पुनर्वास की आवश्यकता के बारे में बताया गया। इसके साथ ही निशुल्क विधिक सहायता, एनडीपीएस अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और नालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान साप्ताहिक जेल लोक अदालत भी आयोजित हुई। सिविल जज इंदु वर्मा के समक्ष सात मामले चिह्नित किए गए थे। इनमें एक मामले में एक अभियुक्त ने जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके आधार पर मामले का पूर्ण निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र, जेलर अरविंद कुमार सिन्हा, उप कारापाल गौरव कुमार समेत जेल स्टाफ मौजूद रहा।